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Rajasthan Spy Camera Controversy: जासूसी कैमरा विवाद; टीकाराम जूली ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा

Fri, 03 Oct 2025 07:25 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान विधानसभा के जासूसी कैमरा विवाद में कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े को भी ज्ञापन सौंप चुकी है।
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टीकाराम जूली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भड़का जासूसी कैमरा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कांग्रेस इस मुद्दे को छोड़ने को तैयार नहीं है। राजस्थान में जासूसी कैमरा विवाद को लेकर विधानसभा में धरने प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को ज्ञापन दे चुकी कांग्रेस अब आरोप लगा रही है कि प्रदेश में इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इसलिए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मामले में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। जूली ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र की गरिमा और संवैधानिक संस्थाओं की पवित्रता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यह घटना न केवल विपक्षी विधायकों की निजता का हनन है, बल्कि जनता के विश्वास के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।  जूली ने बताया कि इस गंभीर प्रकरण पर विपक्षी दल के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मिलकर कर उन्हें समस्त तथ्यों से अवगत कराया था और निष्पक्ष जांच की मांग रखी थी।
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जूली ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में लोकतंत्र की रक्षा एवं संविधान की मर्यादा बनाए रखने हेतु उन्होंने माननीय राष्ट्रपति महोदय से समय प्रदान करने का आग्रह किया है। लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्थाएं संसद और विधानसभाएं हैं। यदि इन्हीं पर संदेह और जासूसी का वातावरण बनेगा तो यह पूरे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस लड़ाई को जनता और लोकतंत्र के हित में अंत तक लड़ेगा। किसी भी कीमत पर लोकतांत्रिक मूल्यों और विधायकों की गरिमा पर आंच नहीं आने दी जाएगी।

क्या था जासूसी कैमरा विवाद
 
  • विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्षी नेता और कांग्रेस विधायकों ने स्पीकर वासुदेव देवनानी को घेरते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा में अतिरिक्त CCTV / PTZ (Pan-Tilt-Zoom) कैमरे लगाए गए हैं, खासकर विपक्षी बेंच और महिला विधायकों के आस-पास, जिनका उपयोग उन पर निगरानी रखने और उनकी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग करने में हो रहा है। आरोपों के अनुसार, ये कैमरे सिर्फ सदन की कार्यवाही के दौरान नहीं बल्कि सदन के बाद भी सक्रिय रहते हैं, और कैमरों से ‘स्पीकर के रूम’ या रेस्ट रूम जैसे जगहों से भी नियंत्रण किया जाता है।
  • कांग्रेस ने कहा कि ये कैमरे नियमों और विधानसभा की पारंपरिक मर्यादाओं का उल्लंघन हैं, और विधायक‑सदस्यों की निजता का हनन करते हैं। 

स्पीकर ने यह जवाब दिया

  • विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि कैमरे सदन की कार्यवाही रिकॉर्डिंग और प्रसारण के लिए हैं, ऑडियो रिकॉर्डिंग नहीं होती। 
  • सरकार ने कहा कि ये कैमरे सुरक्षा कारणों और सदन के ऑडिट‑प्रक्रिया तथा पारदर्शिता के लिए लगाए गए हैं।
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