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Rajasthan Vidhansabha: आवास विहीन परिवारों के मुद्दे पर मंत्री खर्रा और विधायक गर्ग आमने-सामने; जमकर हंगामा

Wed, 04 Feb 2026 04:49 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Vidhansabha: आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग के सवाल पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के जवाब से विधानसभा में हंगामा हुआ। आवास विहीन परिवारों के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आए, कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

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विधायक सुभाष गर्ग और मंत्री झाबर सिंह खर्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग के सवाल को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। मामला भरतपुर जिले में आवास विहीन परिवारों से जुड़ा था, जिस पर बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।

प्रश्नकाल के दौरान सुभाष गर्ग ने पिछली सरकार द्वारा लाई गई राजस्थान होमलेस अपलिफ्टमेंट पॉलिसी 2022 का हवाला देते हुए सवाल पूछा। उन्होंने जानना चाहा कि क्या इस नीति के तहत जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित करने का प्रावधान है। यदि ऐसा है, तो भरतपुर में इस समिति की बैठक कब हुई।

इस पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जवाब देते हुए कहा कि विधायक ने आवास विहीन परिवारों का सवाल पूछा है, लेकिन अब भूमि विहीन परिवारों की बात कर रहे हैं। इस पर सुभाष गर्ग ने कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि उन्होंने अपने सवाल में केवल यह पूछा है कि आवास विहीन परिवार कितने हैं और क्या पिछली सरकार ने इसके लिए कोई नीति बनाई थी, जिसमें समिति गठन का प्रावधान था। 

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गर्ग ने स्पष्ट कहा कि मंत्री सिर्फ उसी सवाल का जवाब दें, वे कोई अतिरिक्त बात नहीं पूछ रहे हैं। इसके बावजूद मंत्री अपने जवाब पर अड़े रहे। इस पर गर्ग ने स्पीकर से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि उन्हें सदन में संरक्षण दिया जाए। मंत्री के रुख से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने भी आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि वे सदन में मंत्रियों के भाषण सुनने नहीं आए हैं, बल्कि सवालों के जवाब चाहते हैं। इसके बाद यूडीएच मंत्री और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोंक-झोंक हो गई।

स्थिति बिगड़ती देख सरकार की ओर से पहले उद्योग मंत्री और फिर संसदीय कार्यमंत्री ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन इससे मामला और उलझ गया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल पर व्यंग्य करते हुए कहा कि आप कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी कर गए हैं। टीकाराम जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री इस सदन में बजट घोषणाएं करके गए थे, लेकिन अब सरकार के पास उन घोषणाओं पर जवाब देने के लिए कुछ भी नहीं है। इसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया।

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