राज्यपाल कलराज मिश्र ने शुक्रवार से शुरू हुई 16वीं विधानसभा के बजट सत्र में राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए अभिभाषण को पढ़ा। इसमें पिछली सरकार की नीतियों और वित्तीय प्रबंधन की आलोचना की गई। साथ ही लगभग सभी बड़ी योजनाओं को भी समीक्षा के दायरे में लाने की बात कही गई है।
नकल माफियाओं के खिलाफ केस ऑफिसर स्कीम के तहत मुकदमे चलाएगी सरकार। प्रदेश में न तो अब नौकरी लूट होगी और न ही पेपर लीक होगा।
कानून का शासन सुनिश्चित करने में यह सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। 10 हजार अपराधिकयों के विरूद्ध कानून सम्मत कार्रवाई अब तक की गई है।
पिछली सरकार ने बाड़मेर रिफाइनरी प्रोजेक्ट को अटकाया, जिससे परियोजना की लागत 37 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 75 हजार करोड़ रुपये के पार कर गई है। नई सरकार इस नए सिरे से समीक्षा कर 72 हजार करोड़ का निवेश कर बाड़मेर रिफाइनरी के निर्माण में तेजी लाएगी।
डीओआईटी में भ्रष्टाचार- एसीबी जांच के प्रकरण लंबित रखे गए
जनजीवन मिशन, सूचना एवं प्रोद्योगी विभाग में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ। सूचना एवं प्रोद्योगी विभाग में भारी मात्रा में सोना एवं नकदी बरामद हुए। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के बजाय राज्य सरकार ने सीबीआई की जांच पर ही अंकुश लगाने जैसे निर्णय लिए। राज्य सरकार ने एसीबी की जांच में सजा योग्य पाए गए प्रकरणों में पूर्व सरकार ने अभियोजन स्वीकृति प्रदान नहीं की। हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार पर मजबूत प्रहार करने के लिए सीबीआई को अनुसंधान की अनुमति बहाल कर दी है।