राजस्थान विधानसभा के 20 अगस्त से शुरू होने वाले षष्ठम सत्र में पहली बार विधायकों के प्रश्नों को लेकर नई डिजिटल व्यवस्था लागू होगी। अब विधानसभा में पूछे जाने वाले सभी तारांकित और अतारांकित प्रश्न केवल नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन या अन्य माध्यम से भेजे गए प्रश्न स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में सभी विधायकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशों के अनुसार विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन संबंधी नियमों के तहत प्रश्न भेजने की ऑनलाइन व्यवस्था पहले ही लागू की जा चुकी है, लेकिन अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है।
सचिवालय के अनुसार सभी सदस्यों को NeVA पोर्टल पर अपना ई-मेल और मोबाइल नंबर पंजीकृत कराना होगा। इसके बाद विधायक
https://cmsraj.neva.gov.in/ पर लॉगिन कर हिंदी यूनिकोड (मंगल फॉन्ट) में अपने प्रश्न ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
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जिन विधायकों ने अभी तक NeVA पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें विधानसभा सचिवालय के कंप्यूटर कक्ष (कक्ष संख्या-315) में व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर ई-मेल और मोबाइल नंबर का सत्यापन कराना होगा। सुरक्षा कारणों से यह प्रक्रिया अनिवार्य की गई है।
20 अगस्त से शुरू होगा विधानसभा का षष्ठम सत्र
राज्यपाल की मंजूरी के बाद राजस्थान विधानसभा के सोलहवें कार्यकाल का षष्ठम सत्र 20 अगस्त से शुरू होगा। सत्र में सरकार विभिन्न विधेयक, वित्तीय और जनहित से जुड़े प्रस्ताव पेश कर सकती है, जबकि विपक्ष कानून-व्यवस्था, मानसून, कृषि, जल संकट, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
क्या यूसीसी बिल ला पाएगी सरकार?
विधानसभा सत्र के ऐलान के साथ ही राजस्थान में यूसीसी बिल को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस सत्र में सरकार यूसीसी बिल ला पाएगी। इस बिल को लाकर सरकार पंचायत और निकाय चुनावों से पहले मैसेज भी दे सकती है। लेकिन फिलहाल बिल को लेकर सरकार आम जन से राय ही ले रही है। ऐसे में इस बात की संभावना कम ही है कि सरकार इस सत्र में इस बिल को पेश कर पाएगी।