विधानसभा में आज फिर से हंगामा हो सकता है। सरकार के विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव के जवाब में आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग आज विधानसभा में बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने की तैयारी कर रहे हैं। सरकार की ओर से विधानसभा में पेश किए गए विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए सोमवार को गोपाल शर्मा ने गर्ग पर कई आरोप लगाए थे।
गर्ग का कहना है कि भाजपा विधायक ने सदन में मेरे लिए जो भी कहा है, वे उसे प्रूव करें नहीं तो मैं उनके खिलाफ सदन में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाऊंगा। प्रतिपक्ष के लिए सरकार को घेरने का यह बड़ा मौका है इसलिए कांग्रेस इस मामले में गर्ग के साथ खड़ी नजर आ रही है।
गर्ग मंगलवार को बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा के खिलाफ सदन में लगाए आरोपों पर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की तैयारी कर चुके हैं। हालांकि गर्ग का कहना है कि इस मामले में वे लीगल एक्सपर्ट्स की राय ले रहे हैं।
गौरतलब है कि गोपाल शर्मा ने कहा था कि सुभाष गर्ग को सबूत देने चाहिए। अगर लोहागढ़ फोर्ट में रहने वालों को नोटिस दिए तो सबूत दीजिए। कहीं यह तो नहीं कि वहां रहने वाले लोगों को डराकर मकान सस्ते में बेचने की साजिश हो। कहीं विधायक भू माफियाओं के चक्कर में तो नहीं आ गए हैं।
क्या है पूरा मामला
विधानसभा में सोमवार को सरकारी मुख्य सचेतक ने आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग पर सदन में गलत तथ्य पेश करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश कर दिया। इसके बाद स्पीकर ने ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित कर उसे विशेषाधिकार हनन समिति को रैफर कर दिया। मुख्य सचेतक ने इस प्रस्ताव को रखते हुए कहा था कि सुभाष गर्ग ने सदन में झूठ बोला है कि लोहागढ़ फोर्ट में लोगों को धमकाया जा रहा है और प्रशासन की तरफ से वहां रहने वाले लोगों को अतिक्रमी बताकर नोटिस दिए जा रहे हैं, जबकि प्रशासन की तरफ से ऐसा कोई नोटिस नहीं दिया गया। फोर्ट के बाहर रहने वाले 22 लोगों को ही नोटिस दिए गए हैं।
इसके बाद सुभाष गर्ग ने सदन से बाहर आकर अपने आरोपों के संबंध में तथ्य पेश करते हुए नोटिस की कॉपी दिखाई। इसके साथ ही उन्होंने कुछ वीडियो फुटेज भी सार्वजनिक किए जिसमें लोहागढ़ फोर्ट में रहने वाले लोग प्रशासन पर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।