विदेश में पढ़ने वाले छात्रों के लिए चलाई जा रही विवेकानंद स्कॉलरशिप योजना का मामला बुधवार को विधानसभा में भी गूंजा। कांग्रेस के सचेतक रफीक खान ने सरकार से अपने सवाल में सरकार से विवेकानंद स्कॉलरशिप योजना के लाभार्थियों का आंकड़ा सदन में पेश करने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने आरोप भी लगाया कि बीजेपी सरकार ने कांग्रेस के राज में शुरू की गई राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना नाम बदल दिया।
इस पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने सदन को बताया कि 308 बच्चों को इसका लाभ मिल रहा है। रफीक खान ने पूरक प्रश्न में सरकार के लिखित और मौखिज जवाब में आए फर्क पर फिर से सवाल खड़ा कर दिया। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूछा कि क्या स्कॉलरशिप का भुगतान समय पर नहीं होने की वजह से विदेश में पढ़ रहे बच्चों को भीख मांगनी पड़ रही है। जूली के आरोप पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने आपत्ति जताते हुए हंगामा कर दिया। बैरवा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आपने कोई पॉलिसी नहीं बनाई हमारी सरकार ने इसमें 10 आंशिक संशोधन कर इसे बेहतर बनाया है।
दीप्ति के सवाल पर जूली का तंज
इसके बाद बीजेपी विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने उदयपुर संभाग में नदियों को जोड़ने कर संरक्षित करने से जुड़ा सवाल पूछा। इस पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने लंबा-चौड़ा लिखित जवाब पढ़ डाला। बीजेपी विधायक ने जवाब के लिए सरकार को धन्यवाद ज्ञापित कर दिया। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बोले कि बीजेपी विधायक ने जो सवाल पूछे, उनमें से एक का भी जवाब नहीं आया लेकिन फिर भी उन्होंने धन्यवाद कर दिया। इस पर मंत्री बोले जैसा सवाल पूछा गया, वैसा ही जवाब दे दिया।