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Rajasthan Anti-Conversion Bill: अवैध धर्म परिवर्तन रोकने वाले विधेयक पर बहस आज, ‘घर वापसी’ रहेगी कानून से बाहर

Tue, 09 Sep 2025 08:29 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Anti-Conversion Bill: विधानसभा में अवैध धर्म परिवर्तन रोकने के लिए विधेयक पर आज चर्चा होगी। ‘घर वापसी’ को धर्म परिवर्तन से बाहर रखा गया। विधेयक में 20 साल तक की सजा, जुर्माना और संस्थाओं की संपत्ति जब्ती जैसे कड़े प्रावधान शामिल हैं।

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राजस्थान विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में आज भजनलाल सरकार अवैध धर्म परिवर्तन के खिलाफ विधेयक पर चर्चा करवाएगी। पिछले महीने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बिल के प्रारूप को मंजूरी दी गई थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार लोगों को धर्म के नाम पर भ्रमित करने के लिए ही यह विधेयक ला रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधानसभा में सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि प्रदेश में लव जिहाद का एक भी मुकद्मा नहीं है। प्रस्तावित  विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 में 'घर वापसी' को धर्म परिवर्तन की श्रेणी से बाहर रखा गया है। यानी कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन करने के बाद अपने मूल धर्म में वापस लौटना चाहता है तो उस पर इस कानून की धाराएं लागू नहीं होगी। विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जानकारी दी कि यह विधेयक प्रलोभन, बल, कपट या अन्य अनुचित तरीकों से कराए जाने वाले धर्मान्तरण को रोकने के लिए लाया गया है, लेकिन मूल पैतृक धर्म में वापसी को इसमें धर्म परिवर्तन नहीं माना जाएगा।

पिछले सत्र में भी लाया गया था यह विधेयक, इस बार सजा बढ़ाई

पटेल कहा कि अभी राज्य में अवैध रूप से धर्मान्तरण को रोकने के सम्बन्ध में कोई विशिष्ट कानून नहीं है, इसलिए राजस्थान विधिविरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 को पिछले सत्र में विधानसभा में लाया गया था। अब इस विधेयक को वापस लेकर इसमें और कठोर प्रावधान करते हुए राजस्थान विधिविरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 का नया प्रारूप विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा।

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'धर्म परिवर्तन के लिए किया विवाह शून्य घोषित होगा 

  • मूल पैतृक धर्म में लौटने को धर्म परिवर्तन की परिभाषा में शामिल नहीं किया जाएगा।

  • जबरन, कपटपूर्वक, भय, बल या लालच के माध्यम से कराए गए धर्म परिवर्तन पर सख्त सजा का प्रावधान होगा।

  • केवल धर्मांतरण के उद्देश्य से किया गया विवाह शून्य घोषित होगा।

  • विधेयक के अनुसार, धर्म परिवर्तन संबंधी अपराध गैर-जमानती और संज्ञेय होंगे।

20 वर्ष तक कठोर सजा और जुर्माने का प्रस्ताव

  • सामान्य अवैध धर्मांतरण: 7 से 14 वर्ष कारावास और 5 लाख जुर्माना

  • नाबालिग, महिला, एससी/ST वर्ग के खिलाफ अपराध: 10 से 20 वर्ष कारावास और 10 लाख जुर्माना

  • सामूहिक धर्मांतरण: 20 वर्ष से आजीवन कारावास और 25 लाख जुर्माना

  • विदेशी/अवैध फंडिंग द्वारा धर्म परिवर्तन: 10 से 20 वर्ष कारावास और 20 लाख जुर्माना

  • पुनरावृत्ति: आजीवन कारावास तक सजा और 50 लाख तक जुर्माना

संस्थाओं और संपत्ति पर भी सख्ती

  • धर्मान्तरण में लिप्त संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा।

  • अवैध धर्म परिवर्तन के स्थान की संपत्ति जब्त या गिराई जा सकती है।

  • धर्म परिवर्तन कराने वाले व्यक्ति पर सबूत का भार होगा।

 

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