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Rajasthan News: देश की पहली BS-VI मेगा रिफाइनरी, 4 जुलाई को पीएम पचपदरा में करेंगे उद्घाटन

Wed, 24 Jun 2026 02:34 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

बाड़मेर की पचपदरा रिफाइनरी का 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। 79,459 करोड़ की यह परियोजना राजस्थान को पेट्रोकेमिकल हब बनाते हुए ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन निर्यात को मजबूती देगी।

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hpcl रिफाइनरी को लेकर बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी का बहुप्रतीक्षित लोकार्पण अब 4 जुलाई को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली हाईटेक BS-VI मानक मेगा रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे। अप्रैल में प्रस्तावित कार्यक्रम रिफाइनरी में लगी आग के कारण टाल दिया गया था।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रिफाइनरी परियोजना की प्रगति और तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री के दौरे और लोकार्पण कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान को देश की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत केंद्र बनाएगी और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देगी। बैठक में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) के अधिकारियों ने बताया कि आग की घटना के बाद मरम्मत और तकनीकी परीक्षण पूरे कर लिए गए हैं तथा रिफाइनरी की आधा दर्जन से अधिक इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है।

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9 मिलियन टन सालाना क्षमता वाली यह रिफाइनरी अरब देशों और राजस्थान से प्राप्त कच्चे तेल का प्रसंस्करण करेगी। यहां पेट्रोल, डीजल, एविएशन फ्यूल, पॉलीप्रोपाइलीन और ब्यूटाडाइन सहित कई पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार किए जाएंगे।

रिफाइनरी की सबसे बड़ी विशेषता इसका 20 लाख टन वार्षिक क्षमता वाला एकीकृत पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जो इसे देश की सबसे आधुनिक रिफाइनिंग परियोजनाओं में शामिल करता है। साथ ही इसमें ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ तकनीक अपनाई गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

करीब 79,459 करोड़ रुपए लागत वाली यह परियोजना एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम HRRL द्वारा विकसित की गई है। राज्य सरकार ने अपनी 26 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए हाल ही में रीको (RIICO) के माध्यम से 750 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश भी किया है।

रिफाइनरी के शुरू होने के साथ ही राजस्थान देश के प्रमुख पेट्रोकेमिकल हब के रूप में उभरेगा और भारत की ईंधन निर्यात क्षमता को भी नई मजबूती मिलेगी।

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