दिल्ली के बाद अब जयपुर में भी छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर छात्र अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसी बीच राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की प्रेस वार्ता के बाद प्रदेश की राजनीति और गरमा गई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शिक्षा मंत्री के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन को अराजकता बताना पूरी तरह गलत है और सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
'शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अराजकता बताना गलत'
जूली ने कहा कि यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं तो उन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ और सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को बदनाम करने में लगी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
पेपर लीक पर सरकार से मांगे सबूत
नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर पेपर लीक से जुड़े आरोप लगाए थे। जूली ने कहा कि यदि सरकार के पास कोई ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। केवल राजनीतिक आरोप लगाने से युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दिया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था की कमियों पर जवाब देना चाहिए।
पीपलोदी स्कूल हादसे का भी उठाया मुद्दा
टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की स्थिति और भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पीपलोदी स्कूल हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि एक वर्ष बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पाया और संबंधित कार्य भी पूरे नहीं हुए। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और जवाबदेही तय करने की मांग की।
'आंदोलन को बदनाम करने की हो रही कोशिश'
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जूली ने कहा कि प्रदर्शन स्थलों पर असामाजिक तत्वों को भेजकर आंदोलन की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने की मांग की।
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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दों पर उनके साथ खड़ी है और विधानसभा से लेकर सड़क तक उनकी आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है। जूली ने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री के बयान सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ राजस्थान के शिक्षा मंत्री भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें तथा भाजपा नेतृत्व इस पूरे मामले पर अपना स्पष्ट रुख सामने लाए।