गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम
- फोटो : अमर उजाला
जयपुर में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा द्वारा पुलिस हिरासत में मौत के मामलों को लेकर दिए गए बयान को पूरी तरह मिथ्यापूर्ण और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील विषय पर राजनीति करना उचित नहीं है और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
बेढ़म ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में पुलिस हिरासत में कुल 13 मौतों के मामले सामने आए हैं। इन सभी मामलों की निष्पक्ष और विधिसम्मत न्यायिक जांच करवाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 3 मौतें प्राकृतिक कारणों जैसे हृदयाघात या पूर्व से चली आ रही बीमारी के कारण हुईं। वहीं 3 मामलों में आत्महत्या की पुष्टि हुई है। एक मामले में आरोपी के भागने के दौरान दुर्घटनावश मृत्यु हुई, जबकि 6 मामलों में हिरासत के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हुई।
उन्होंने कहा कि अब तक जिन मामलों की जांच पूरी हो चुकी है, उनमें कहीं भी कस्टोडियल टॉर्चर या पुलिस की लापरवाही अथवा प्रताड़ना का कोई प्रमाण नहीं मिला है। इससे स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा किसी प्रकार की अमानवीय कार्रवाई नहीं की गई।
पढ़ें- Rajasthan: 'कांग्रेस राष्ट्रहित के खिलाफ काम कर रही, गहलोत ‘पुत्र मोह’ में फंसे', भाजपा के मदन राठौड़ का आरोप
गृह राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया गया है। इसके अतिरिक्त भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और पुलिस प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
बेढ़म ने विपक्ष से अपील की कि वे ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर बात करें और जनता में भ्रम फैलाने से बचें। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।