दृष्टि कोचिंग के संचाल विकास दिव्यकीर्ति को कोर्ट की अवमानना के मामले में अजमेर न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 के सामने आज मंगलवार को पेश होना है। हालांकि दिव्यकीर्ति के अजमेर न्यायिक मजिस्ट्रेट के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिस पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन सोमवार को हाईकोर्ट में इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। इसके चलते अब दिव्यकीर्ति को आज अजमेर न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 के सामने पेश होना होगा।
उनके वकील पुनीत सिंघवी ने अपील में कहा है कि हमने किसी की भावना को आहत नहीं किया है। अजमेर न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हमारे खिलाफ जो क्रिमिनल प्रोसिडिंग शुरू की है, वो गलत है। न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 अजमेर के पीठासीन अधिकारी मनमोहन चंदेल की कोर्ट ने विकास दिव्यकीर्ति के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत पर सुनवाई करते हुए उन्हें 22 जुलाई को पेश होने के आदेश दिए थे।
आईएएस को बताया ज्यादा पावरफुल
शिकायतकर्ता ने कहा था-विकास दिव्यकीर्ति ने एक वीडियो में न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक और व्यंग्यात्मक भाषा का इस्तेमाल किया है। दरअसल, यह विवाद दृष्टि आईएएस कोचिंग के संचालक विकास दिव्यकीर्ति के एक वीडियो शो ‘आईएएस वर्सेज जज-कौन ज्यादा ताकतवर’ से खड़ा हुआ था। इसमें विकास दिव्यकीर्ति ने आईएएस को पावरफुल बताया था। दृष्टि आईएएस कोचिंग के संचालक विकास दिव्यकीर्ति के इस वीडियो के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ था। इस पर वकील कमलेश मंडोलिया की शिकायत पर अजमेर के न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 के पीठासीन अधिकारी मनमोहन चंदेल की अदालत ने मामला दर्ज कर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए थे। बहस पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने 40 पेज के आदेश में कमलेश मंडोलिया की ओर से पेश किए मानहानि केस को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया था।