फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Neeraj Murder Case: 'आवाज में न घबराहट थी, न आंसू'...पहली कॉल को लेकर नीरज के भाई का दावा; क्या-क्या बताया?

Mon, 20 Jul 2026 03:44 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Neeraj Murder Case: जयपुर के प्रताप नगर में 4 जुलाई को नीरज शर्मा की मौत पहले सड़क हादसा मानी गई, लेकिन पुलिस जांच में यह सुनियोजित हत्या निकली। सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि मुख्य साजिशकर्ता बलराम उर्फ रवि अभी फरार है। अब नीरज के भाई ने एक और खुलासा किया है, पढ़ें पूरी खबर।

विज्ञापन
नीरज हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नीरज हत्याकांड में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब मृतक के भाई राकेश शर्मा ने दावा किया है कि घटना की पहली सूचना मिलते ही उन्हें संदेह हो गया था कि यह कोई सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। उनका कहना है कि शुरुआत से ही कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने दुर्घटना की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए।

विज्ञापन


आगे मृतक के भाई ने क्या कहा?
राकेश शर्मा के अनुसार, घटना के बाद उन्हें आयुषी का फोन आया। फोन पर केवल इतना कहा गया कि उनकी मां का एक्सीडेंट हो गया है और उनकी मौत हो गई है। राकेश का दावा है कि इतनी बड़ी घटना की सूचना देने के बावजूद आयुषी की आवाज में न तो घबराहट थी, न रोने की कोई भावनात्मक प्रतिक्रिया। उनका कहना है कि इसके बाद भी आयुषी की ओर से दोबारा कोई संपर्क नहीं किया गया। यही पहली बात थी, जिसने उनके मन में संदेह पैदा किया।

राकेश ने बताया कि उनका संदेह केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं था। उनके अनुसार, इससे पहले भी परिवार में संपत्ति और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को लेकर विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुषी पर परिवार के जरूरी दस्तावेज और नकदी अपने साथ ले जाने के आरोप लगे थे। उनका यह भी कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद मिलने वाले जीपीएफ, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य सेवा लाभों पर अकेले दावा करने के लिए न्यायालयों में याचिकाएं भी दायर की गई थीं। राकेश के मुताबिक, इन घटनाओं ने उनके संदेह को और मजबूत किया।

विज्ञापन


पढे़ं:  12 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर अहम आरोपी बलराम, मास्टरमाइंड की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश

और क्या आरोप लगाए?

विज्ञापन

राकेश शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2024 के बाद बलराम नामक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद आयुषी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया था। उनका दावा है कि वह उसी के प्रभाव में फैसले लेने लगी और धीरे-धीरे परिवार से दूरी बढ़ती चली गई। उन्होंने इस पहलू की भी गहन जांच की मांग की है।

राकेश का यह भी आरोप है कि नीरज के पति (उनके जीजा) की मृत्यु के बाद उनका मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य निजी सामान भी कथित रूप से अपने कब्जे में ले लिया गया। उन्होंने दावा किया कि मोबाइल नंबर को नियमों की अनदेखी करते हुए दूसरे व्यक्ति के नाम पर स्थानांतरित कराया गया। उनके अनुसार, इस पूरे मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। राकेश शर्मा का कहना है कि इन सभी घटनाओं को एक साथ देखने पर उन्हें शुरू से ही विश्वास था कि यह महज सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने पुलिस से मामले की हर कड़ी की निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

क्या है पूरा मामला?
4 जुलाई की शाम को जयपुर के प्रताप नगर में स्कॉर्पियो की टक्कर से 45 साल की महिला नीरज शर्मा की मौत हो गई थी। मृतका के भाई राकेश शर्मा ने इस दुर्घटना पर शक जताया और हत्या का संदेह जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। एसीपी हरिशंकर शर्मा के निर्देशन में जब जांच हुई तो हैरान करने वाली कहानी सामने आई। जांच में पता चला कि यह एक्सीडेंट नहीं बल्कि मर्डर था जिसे एक्सीडेंट का रूप दिया गया था। पुलिस ने हत्या के आरोप में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि हत्या का मुख्य सूत्रधार आयुषी के ताऊ का लड़का बलराम उर्फ रवि फिलहाल फरार है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें