सामान्य से सात दिन की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूर्वी राजस्थान में प्रवेश किया। अगले 5-7 दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
सामान्य तिथि से 7 दिन की देरी के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बुधवार (2 जुलाई) को राजस्थान के पूर्वी हिस्से में प्रवेश कर लिया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है।
उधर, पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम करवट लेने वाला है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में आगामी दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।
पिछले 5 वर्षों में राजस्थान में मानसून की एंट्री
- 2026 (2 जुलाई): सामान्य से 7 दिन की देरी से मानसून ने पूर्वी राजस्थान में प्रवेश किया। इसकी उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर तक पहुंची।
ट्रेंड
2022: 30 जून (देरी से प्रवेश)
2023: 25 जून (सामान्य समय)
2024: 25 जून (सामान्य समय)
2025: 18 जून (7 दिन पहले, सबसे जल्दी)
2026: 2 जुलाई (करीब 7 दिन की देरी से, पूर्वी राजस्थान से प्रवेश)
यह भी उल्लेखनीय है कि सामान्य रूप से मानसून राजस्थान में दक्षिण-पूर्वी जिलों (बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़) से प्रवेश करता है, लेकिन 2026 में मौसमीय परिस्थितियों के कारण इसकी उत्तरी सीमा सीधे टोंक-जयपुर-अलवर तक पहुंची, जो इस वर्ष की विशेषता मानी जा रही है।