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Rajasthan News: राजस्थान में ब्लड सेंटरों की होगी जांच, गड़बड़ी मिली तो लाइसेंस होगा रद्द

Thu, 02 Jul 2026 04:39 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान सरकार ने 5 जुलाई तक सभी ब्लड सेंटरों के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। मानकों में गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस रद्द होगा। गंभीर मामलों में संबंधित डॉक्टर के खिलाफ आरएमसी कार्रवाई की जाएगी।


 
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ब्लड सेंटर- फाइल फोटो
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विस्तार
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राजस्थान में ब्लड सेंटरों की लापरवाही पर अब स्वास्थ्य विभाग सख्त कार्रवाई के मूड में है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी, निजी और गैर-सरकारी सभी ब्लड सेंटरों का विशेष निरीक्षण किया जाए। जहां भी मानकों का उल्लंघन या गंभीर अनियमितता मिले, वहां ब्लड सेंटर का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जाए। यदि किसी मामले में चिकित्सक की जिम्मेदारी तय होती है तो उसका पंजीकरण निरस्त करने के लिए राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) को भी अनुशंसा भेजी जाएगी।

आरएमएससीएल भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों को सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए ब्लड स्टोरेज, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की पालना, गुणवत्ता नियंत्रण और कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण को सख्ती से लागू किया जाए।

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 5 जुलाई तक राज्य के सभी सरकारी ब्लड सेंटरों का निरीक्षण पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 286 ब्लड सेंटर संचालित हैं। इनमें से 69 ब्लड सेंटरों के लाइसेंस अनियमितताओं के कारण निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि 5 ब्लड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। अब निरीक्षण अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।

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रिम्स को बनाया जाएगा अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

बैठक में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य मिशन मोड में पूरा किया जाए और रिम्स को प्रदेश का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाए।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि यहां कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, सीटीवीएस और ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए अकादमिक ढांचे और फैकल्टी की योजना जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

10 जुलाई तक शुरू होगा राजहेल्थ पोर्टल

समीक्षा बैठक में राजहेल्थ पोर्टल की प्रगति भी देखी गई। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को 10 जुलाई तक पोर्टल शुरू करने के निर्देश दिए। इसके जरिए प्रदेश के 1.23 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों का सेवा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होगा, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

इसके अलावा जिलों में अधिशेष डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को रिक्त पदों पर तैनात करने तथा चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक उपकरणों के संचालन के लिए विशेषज्ञ कार्मिकों की नियुक्ति के निर्देश भी दिए गए।

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