Rajasthan: राजस्थान की जेलों में बंद कुख्यात अपराधी जेल से ही किस तरह से अपने गैंग चला रहे हैं, इस पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा को जेल से जान से मारने की धमकी भरा कॉल करने वाले आरोपी ने बताया कि जेल में किराए पर मोबाइल नेटवर्क चलता है। आगे क्या कुछ है, आइये जानते हैं।
पहले सीएम और फिर डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा को जेल से फोन पर दी गई धमकी ने पहले ही पूरे सरकारी सुरक्षा तंत्र को सकते में ला दिया। लेकिन जेल से गुरुवार को गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, वह और भी ज्यादा चौंकाने वाले हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि जेल में न सिर्फ मोबाइल फोन चल रहे हैं बल्कि अपराधियों ने यहां अपना अलग ही ‘STD/PCO’ खोल रखा है। यहां हर शख्स के लिए फोन उपलब्ध है लेकिन भारी-भरकम कीमत पर।
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डीजीपी यूआर साहू के निर्देश के बाद सेंट्रल जेल से गुरुवार को कई आरोपियों को डिप्टी सीएम बैरवा को धमकी देने से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया। इनमें शाहनील, वसीम खान, मनीष, विक्रम, जुनेद और अशरफ शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में जुनेद और अशरफ को सिम मामले में झोटवाड़ा से गिरफ्तार किया गया है
विक्रम नाम के शख्स ने उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को दी थी धमकी
विक्रम ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने विक्रम से पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि उसने ही डिप्टी सीएम को धमकी देने वाला कॉल किया था।पूछताछ में विक्रम ने बताया कि जेल में उसके ऊपर 3 लाख रुपए का कर्ज हो चुका था। उसने बताया कि जेल में किराए पर मोबाइल देने का नेटवर्क चलाया जाता है।शाहनील नाम का शख्स मोबाइल किराए पर देने का नेटवर्क चलाता है जो 1 मिनट बात करवाने के लिए 100 रुपये वसूलता है। उसने कहा कि जेल में उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ रहा था। इसलिए उसने डिप्टी सीएम को धमकी देने वाला कॉल इसलिए किया ताकी पुलिस जांच में उसे गिरफ्तार किया जाता है तो उसकी जेल बदली हो जाए जिससे उसे कर्ज नहीं चुकाना पड़े।
क्या है मामला
बुधवार देर शाम जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम में एक कॉल आया जिसमें डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा को जान से मारने की धमकी दी गई। सूचना आला अधिकारियों तक तुरंत पहुंची। इसके बाद कॉल ट्रेसिंग हुई तो फोन के जयपुर जेल से किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जेल पर छापा मारकर तीन आरोपियों को पकड़ा। इसके अलावा फर्जी सिम बेचने वाले कुछ लोगों को बाहर से भी पकड़ा गया। राजस्थान में जेलों से वीवीआईपी लोगों को धमकी देने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मुख्यमंत्री के नाम पर भी जेल से धमकी भरा कॉल आया था। हालांकि पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जेलों में जैमर लगाने की बात कही जा रही है।