जयपुर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि देश में प्रभावी स्वच्छता के लिए गांवों और शहरों की समन्वित योजना बनाकर काम करना होगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाने के साथ-साथ संबंधित विभागों को मिलकर दीर्घकालिक योजना बनानी होगी। शेखावत शुक्रवार को देशभर में शुरू हुए स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस पखवाड़ा में संबंधित जिला प्रशासन को एक टारगेटेड अप्रोच के साथ काम करना होगा, ताकि पखवाड़े के दौरान किए गए सफाई कार्य धरातल पर नजर आ सकें। उन्होंने कहा कि अभी शुरू हुआ स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तुरंत बाद दो अक्टूबर से स्वच्छता पखवाड़ा शुरू होगा। इसलिए अभी से इन दोनों को एक साथ जोड़कर एक लांग टर्म प्लान बनाने की दिशा में भी काम करना होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शहरों के पास आधारभूत संरचना और केपेसिटी दोनों हैं, लेकिन उनके पास स्पेस की कमी है। वहीं गांवों केपेसिटी की कमी है, लेकिन स्पेस खूब है। हमें गांव और शहर के स्थानीय निकायों के बीच कन्वर्जन्स कैसे स्थापित करें? इसके लिए भी एक दीर्घकालिक प्लान तैयार करना चाहिए। इस दृष्टि से भी काम करने की जरूरत है। इसके लिए जलशक्ति मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय को मिलकर प्लानिंग करनी चाहिए।
औपचारिकता नहीं बने पखवाड़ा
शेखावत ने कहा कि यह पखवाड़ा एक औपचारिकता बनकर नहीं रहे। इसमें हमें प्रभावी और परिणामोन्मुखी होकर काम करना होगा, ताकि इस 15 दिन का काम ग्राउंड पर दिखाई दे। सभी विभागों को मिलकर काम को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। इस पखवाड़े में गांव के जितने भी आइकोनिक प्लेस हैं, चाहे वह गांव का मंदिर हो या चौक हो या फिर बस स्टैंड हो तालाब। जहां पब्लिक फुटफॉल अधिक है, उसे टारगेट रखकर काम करना है। यदि काम का वर्गीकरण और संसाधानों को आवंटन बेहतर होगा तो परिणाम निश्चित ही अधिक अच्छे आएंगे।
जलाशयों को कर सकते हैं साफ
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस 15 दिन के अभियान में शहर और गांवों के जलाशयों की सफाई का काम भी हाथ में लिया जा सकता है। शहरी और ग्रामीण विकास दोनों मंत्रालय मिलकर इसमें वहां सफाई करें। उदहारण के लिए शहर की बावड़ियां में कचरा पड़ा है। इसी प्रकार गांवों में तालाबों आदि के किनारे कचरे के ढेर पडे़ रहते हैं। अभियान के दौरान संकल्पबद्ध और फोकस एप्रोच के साथ काम करना पड़ेगा। इस पखवाड़े को सेवा के साथ जोड़कर जन आंदोलन बनाने का काम करें।
मॉडल विलेज बनाने के लिए काम करें
शेखावत ने कहा कि देश को खुले में शौच से मुक्ति की घोषणा 2019 में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने की थी। अब गांवों शहरों में सफाई पर फोकस है। इसके लिए हमें गांवों को तीन चरणों में सफाई का काम करना होगा। उन्हें एस्सपाइरिंग से राइजिंग और राइजिंग से मॉडल विलेज में बदलना है।
देश की छवि में सुधार हुआ
शेखावत ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब स्वच्छ भारत मिशन की घोषणा की और 2019 में देश खुले में शौच से मुक्त हुआ। इससे एक तरफ देश में स्वच्छता को लेकर नया माहौल बना और मानकों में सुधार हुआ। शिशु मृत्यु दर में कमी आई है और विश्व भर में भारत की छवि में सुधार हुआ है।