भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) और गहलोत की राहें अलग-अलग दिखाई दे रही हैं। राठौड़ ने दावा किया कि पीसीसी अशोक गहलोत को गिन नहीं रही है, जिसके चलते वे विचलित नजर आ रहे हैं। गहलोत ने निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि भाजपा के रोड शो का जवाब रोड शो से दिया जाता तो कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।
राठौड़ ने गहलोत के इस बयान को उनके पुराने रुख से जोड़ते हुए कहा कि जब भाजपा रोड शो और चुनावी कार्यक्रम करती थी, तब कांग्रेस उसका विरोध करती थी, लेकिन अब चुनाव परिणाम आने के बाद कहा जा रहा है कि कांग्रेस भी ऐसा करती तो स्थिति अलग होती। उन्होंने कहा कि यह गहलोत के एक बात पर कायम नहीं रहने को दिखाता है।
'भाजपा ने कार्यकर्ताओं को चुनाव में दिया महत्व'
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव में महत्व दिया। जिस कार्यकर्ता ने पार्टी के लिए विधायक और सांसद बनाने में अपना खून-पसीना बहाया, जब उसी कार्यकर्ता का चुनाव आया तो पार्टी ने उसकी मदद की। राठौड़ ने कहा कि संगठन केवल जरूरत के समय कार्यकर्ता का इस्तेमाल नहीं कर सकता, बल्कि उसके चुनाव में भी उसके साथ खड़ा होना चाहिए।
खरीद-फरोख्त के आरोपों पर भी पलटवार
गहलोत के निकाय चुनाव में खरीद-फरोख्त और दबाव के आरोपों पर राठौड़ ने कहा कि निर्वाचित पार्षदों को इस तरह 'खरीदने' या 'बिकाऊ माल' बताने वाले शब्द लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ हैं। गहलोत ने भाजपा पर पार्षदों को करोड़ों रुपये का प्रलोभन देने और पुलिस के जरिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों का भाजपा की ओर से खंडन किया गया है। राठौड़ ने कहा कि आज का निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपने अधिकारों को समझता है और वह किसी पुलिस या धनबल के दबाव में आसानी से प्रभावित नहीं हो सकता। उन्होंने गहलोत के आरोपों को कल्पित बताते हुए कहा कि समय बदल चुका है और नागरिक तथा जनप्रतिनिधि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं।
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कांग्रेस में खींचतान पर भी साधा निशाना
मदन राठौड़ ने कांग्रेस के भीतर कथित खींचतान का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और सचिन पायलट सहित कांग्रेस के नेता अपने-अपने स्तर पर राजनीतिक प्रभाव कायम रखने की कोशिश कर रहे हैं। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में एक-दूसरे को पीछे करने की कोशिश चल रही है और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान दिखाई दे रही है।
'जलेबी रेस' वाला बयान भी चर्चा में
आगे राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को 'जलेबी रेस' बताते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं में यह कोशिश चल रही है कि सत्ता और राजनीतिक प्रभाव का अवसर किस तरह उनके हाथ लगे। गहलोत के हालिया बयान कांग्रेस के भीतर उनके प्रभाव और संगठन के साथ उनके संबंधों पर खुद सवाल खड़े कर रहे हैं।