भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को सर्वस्पर्शी एवं लोककल्याणकारी बताया। उन्होंने कहा कि बजट में राजस्थान के विकास का स्पष्ट विजन और मिशन दिखता है। अन्नदाता किसान के सम्मान निधि को बढ़ाकर 9 हजार करना, निःशुल्क बीज वितरण, सिंचाई के पर्याप्त प्रयास तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। बैलों से खेती करने पर 30,000 रुपये का प्रोत्साहन देने का निर्णय नंदी संरक्षण और आवारा पशुओं की समस्या के समाधान में सहायक होगा।
मदन राठौड़ ने कहा कि बजट में सवा लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, डेढ़ लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार, 50 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा 2 लाख लखपति दीदी एवं 25 हजार सोलर दीदी बनाने की घोषणा की गई है। यह निर्णय युवाओं और महिलाओं के सपनों को साकार करने वाला है।
आधारभूत ढांचे और जनकल्याण के प्रयास
राठौड़ ने कहा कि सड़क, चिकित्सा व्यवस्था, कानून व्यवस्था और बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। 1800 यूनिट फ्री बिजली देने का निर्णय भी जनहितकारी है। पहली बार ग्रीन बजट प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाई गई है।
ईआरसीपी और जल आपूर्ति के नए प्रयास
उन्होंने कहा कि ईआरसीपी परियोजना में राम सेतु पर प्रभावी कार्य हुआ है, योजना बनाकर टेंडर जारी कर दिए गए हैं और कार्य प्रारंभ हो चुका है। हरियाणा एवं नर्मदा के पानी का उपयोग कर राज्य में जल संकट को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
सड़क विकास और जन समस्या समाधान केंद्र
बिना राजनीतिक भेदभाव के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के विकास के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। विधायक जन समस्या समाधान केंद्र की स्थापना से जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
राज्य की आर्थिक वृद्धि का संकल्प
राठौड़ ने कहा कि 2030 तक 3050 बिलियन इकोनॉमी बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। इससे आधारभूत ढांचे का विकास, सामाजिक सुरक्षा, किसान कल्याण, गरीब उत्थान, महिला सम्मान और युवाओं को रोजगार देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
विपक्ष के पास विरोध के अलावा कोई मुद्दा नहीं
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी का धन्यवाद, जिन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों को बजट में समुचित स्थान दिया है। विपक्ष के पास बजट पर आलोचना करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे केवल विरोध के नाम पर विरोध कर रहे हैं।