चंद्र ग्रहण दोपहर तीन बजकर 20 मिनट से शुरू हुआ । यह शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहा । होली के रंगों के बीच इस बार आसमान में भी अद्भुत खगोलीय दृश्य देखने को मिला। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की पूर्ण छाया से गुजरा। भारत में यह चंद्रग्रहण पूर्ण रूप में नजर नहीं आया बल्कि चंद्रोदय के समय आंशिक रूप से कुछ मिनटों के लिए दिखाई दिया। खगोलविदों के अनुसार यह ‘ग्रस्तोदय’ की स्थिति रही, यानी चंद्रमा उदित होते समय पहले से ही ग्रहण पर था।
राजस्थान के शहरों में इस समय दिखाई दिया ग्रहण
- उदयपुर – शाम 6:38 से 6:43 बजे तक
- बीकानेर – शाम 6:38 से 6:47 बजे तक
- जैसलमेर – शाम 6:49 से 6:56 बजे तक
- गंगानगर – शाम 6:35 से 6:47 बजे तक
- हनुमानगढ़ – शाम 6:33 से 6:45 बजे तक
- सीकर – शाम 6:30 से 6:40 बजे तक
- चूरू – शाम 6:30 से 6:38 बजे तक
- दौसा – शाम 6:26 से 6:34 बजे तक
- अलवर – शाम 6:25 से 6:34 बजे तक
- करौली – शाम 6:23 से 6:31 बजे तक
- भरतपुर – शाम 6:21 से 6:30 बजे तक
- धौलपुर – शाम 6:20 से 6:28 बजे तक
- कोटा – शाम 6:29 से 6:35 बजे तक
- चित्तौड़गढ़ – शाम 6:33 से 6:38 बजे तक
- अजमेर – शाम 6:33 से 6:41 बजे तक
- भीलवाड़ा – शाम 6:34 से 6:40 बजे तक
- जयपुर – शाम 6:28 से 6:36 बजे तक
- जोधपुर शाम 6:26 से 6: 47 बजे तक
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राजस्थान में आंशिक ग्रहण की समाप्ति शाम लगभग 6:47 बजे हुई। ऐसे में अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के अनुसार कुछ मिनटों तक ही यह दृश्य देखाई दिया। पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा सूर्य की नीली रोशनी के बिखर जाने और लाल प्रकाश के चंद्रमा तक पहुंचने के कारण चंद्रमा ताम्र-लाल रंग में नजर आया। होली के उल्लास के बीच यह खगोलीय संयोग प्रदेशवासियों के लिए उत्साह और जिज्ञासा का विषय रहा