राजस्थान की राजनीति में अपने बयानों के लिए विख्यात पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने भारतीय जनता पार्टी के साथ अपने यानी शिवसेना शिंदे के साथ अलायंस की घोषणा की। इस दौरान गुढ़ा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के खिलाफ प्रचार करने की भी बात कही। गुढ़ा ने कहा कि जिस प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री ने उदयपुरवाटी को गोद ले रखा था, इस प्रकार अब मेरा भी फर्ज बनता है कि मैं जालौर सिरोही में वापस जाकर गहलोत के बेटे के खिलाफ प्रचार करके उनका कर्ज चुका दूं।
शुभकरण चौधरी के विषय में गुढ़ा ने सीधे रूप से किनारा करते हुए कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी के लिए जहां मेरी पार्टी रहेगी, वहां प्रचार करूंगा। उस उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांगूंगा। इस दौरान बार-बार शुभकरण चौधरी के विषय में बात करने पर गुढ़ा बोले कि सबके लिए करूंगा। लेकिन गुढ़ा, शुभकरण चौधरी का नाम लेने से बचते हुए नजर आए।
लोकसभा चुनाव के बीच लाल डायरी का जिन्न फिर बाहर आ गया है। दरअसल, बुधवार को राजस्थान भाजपा चुनाव सह प्रभारी विजया राहटकर और शिवशेना नेता राजेंद्र गुढ़ा ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि हमारा शिवशेना शिंदे गुट का भाजपा से गठबंधन है। हम राजस्थान में भी गठबंधन का सहयोग करेंगे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के केंद्रीय एजेंसियों पर आरोप लगाने पर कहा कि उन्होंने खुद ने मुख्यमंत्री रहते हुए एजेंसियों का दुरुपयोग किया। मुझ खुद पर सात झूठे मुकदमे लगाकर मुझे फंसाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि हम सभी 25 सीटों पर भाजपा का सहयोग करेंगे। मैं जालौर सिरोही सीट और जहां पार्टी को जरूरत होगी, वहां सहयोग करूंगा। वहीं, लाल डायरी से जुड़े सवाल पर गुढ़ा ने कहा कि लाल डायरी की वजह से आज देख लो गहलोत आज कहां पर हैं। महेश जोशी को नोटिस मिला और वैभव गहलोत से पूछताछ हुई।
वहीं, राजेंद्र गुढ़ा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से एसओजी ने काम किया है, उससे प्रदेश के युवाओं के बीच एक उम्मीद जगी है कि पेपर लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई होगी। राजेंद्र गुढ़ा ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि अशोक गहलोत के समय सीएम ऑफिस से सिलेक्टेड कैंडिडेट्स की लिस्ट आरपीएससी जाया करती थी और उनका सिलेक्शन हो जाता था। गुढ़ा ने कहा कि जिन लोगों का सिलेक्शन हुआ है, उन लोगों की जब दोबारा परीक्षा ली गई तो वह सभी फेल हो गए। यह खेल गहलोत सरकार में चल रहा था।
गुढ़ा ने यह भी कहा कि जिस प्रकार से देश में सिटिंग मुख्यमंत्री जेल जा रहे हैं, उसी प्रकार राजस्थान में भी बहुत जल्द कुछ ऐसे खुलासे होंगे, जिसके बाद यहां भी कई बड़े चेहरों को सलाखों के पीछे देखा जा सकता है। वहीं, राजेंद्र गुढ़ा ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं शिवसेना शिंदे के साथ हूं और वहीं रहूंगा।