लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद से ही प्रदेश की बांसवाड़ा डूंगरपुर सीट चर्चा में बनी हुई है। दरअसल यहां से कांग्रेस के विधायक रहे महेंद्रजीत मालवीय के भाजपा में शामिल होने के बाद से यहां सियासी गर्माहट बढ़ गई। फिर जब भाजपा ने मालवीय को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा तो कांग्रेस ने इस सीट से एक बार को BAP (भारतीय आदिवासी पार्टी) के साथ गठबंधन की चर्चा छेड़ी लेकिन नामांकन का दिन आने तक बात नहीं बन पाई। आखिरकार नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस ने डमी उम्मीदवार के तौर पर अरविंद डामोर को डमी प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतार दिया।
अर्जुन सिंह बामनिया का नाम था चर्चा में
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में इस सीट पर चुनाव होने हैं। इसके लिए नामांकन की आखिरी तारीख 4 अप्रैल थी। कांग्रेस ने 3 अप्रैल तक किसी का नाम फाइनल नहीं किया था। चर्चा थी कि अर्जुनसिंह बामनिया ही कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे लेकिन नामांकन के आखिरी घंटे में खेल हो गया और अरविंद डामोर को डमी प्रत्याशी बनाते हुए कांग्रेस ने नामांकन दाखिल करवा दिया। डामोर को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद बामनिया का कहना था कि मैं 60 साल का हो चुका हूं, अब युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए।
आखिर क्या है मामला
अंतिम समय तक कांग्रेस आलाकमान की ओर से बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट के लिए किसी का नाम नहीं दिया गया क्योंकि पार्टी को BAP के साथ गठबंधन की उम्मीद थी और पार्टी उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारना नहीं चाहते थी। ऐसे में अरविंद डामोर को प्रत्याशी के रूप में नामांकन करवाकर पार्टी ने फिलहाल के लिए काम चला लिया है। हो सकता है कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 8 अप्रैल तक आलाकमान से इस पर कोई नया निर्देश आ जाए।
अब BAP के प्रत्याशी ने मांगा समर्थन
अब BAP के उम्मीदवार राजकुमार रोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा है कि बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट पर भारत आदिवासी पार्टी को समर्थन करते हुए इंडिया गठबंधन में यदि कांग्रेस सीट छोड़ती है तो हम और यहां के समस्त रहवासी कांग्रेस आलाकमान के आभारी रहेंगे और भाजपा को धूल चटाएंगे।
फिलहाल तो इस सीट पर तीन पार्टियों के तीन प्रत्याशियों के नाम सामने आ गए हैं। अब आने वाले दिनों में क्या होगा, वह तो समय ही बताएगा।