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LPG Crisis: राजस्थान में बढ़ गया गैस सिलिंडर का संकट; अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

Thu, 12 Mar 2026 08:29 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में एलपीजी संकट गहराने से होटल-रेस्टोरेंट और छोटे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई घटने से बाजार में कोयला और लकड़ी की कीमतें बढ़ गई हैं। वहीं डीलरों का कहना कि गैस बुकिंग का सर्वर क्यों ठप हो रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। खाद्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां सरकार ने रद्द कर दी हैं। 

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एलपीजी संकट से बाजार में कोयले और इंडक्शन की भी किल्ल्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में एलपीजी की कमी से होटल, रेस्टोरेंट और हलवाई कारोबार पर संकट गहराने लगा है। प्रदेश के करीब 1.43 लाख कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को रोजाना 19 किलो वाले 80 हजार से 1 लाख सिलिंडर और करीब 5 लाख घरेलू सिलिंडरों की जरूरत होती है। लेकिन सरकारी तेल कंपनियों की सप्लाई रुकने से उपभोक्ताओं को जरूरत की आधी गैस भी नहीं मिल पा रही है। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए निजी गैस कंपनियां नए ग्राहक बनाने में जुट गई हैं। वे 2000 से 2100 रुपए की सिक्योरिटी लेकर सिलिंडर देने की पेशकश कर रही हैं। हालांकि 19 किलो का सिलिंडर बाजार में 3000 से 3200 रुपए तक बेचा जा रहा है। 

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कई जिलों में गैस बुकिंग बंद
झुंझुनूं, टोंक और अलवर समेत कई जिलों में गैस बुकिंग बंद कर दी गई है। एजेंसियां इसके पीछे सर्वर ठप होने की बात कह रही हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि प्रदेश में करीब 25 से 30 हजार घरेलू सिलिंडर 1600 से 2000 रुपए तक में बेचे जा रहे हैं, जिससे हर दिन ग्राहकों से 2 से 3 करोड़ रुपए अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। कमर्शियल उपभोक्ताओं को सामान्य दिनों में रोजाना 10 से 15 किलो गैस की जरूरत होती है, जबकि शादी के सीजन में यह खपत 25 से 30 किलो तक पहुंच जाती है।

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बुकिंग सर्वर ठप होने से बढ़ रही परेशानी
राजस्थान एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत का कहना है कि कंपनी का सर्वर बार-बार खराब होने की शिकायतें आ रही हैं। इससे डीलर्स को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि यह सर्वर क्यूं ठप हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी के सर्वर पर कोई भी एंट्री करो तो स्क्रीन पर कुछ नजर ही नहीं आ रहा है। संकट की इस घड़ी में गैस कंपनियों के सर्वर भी जवाब दे गए हैं। इंडेन के बाद अब भारत गैस का सर्वर ठप होने की भी शिकायतें जगह-जगह से आ रही हैं। जयपुर, अलवर, कोटा, भरतपुर और जोधपुर सहित कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने फूड डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं।

कंपनी ने जारी किए बुकिंग के वैकल्पिक नंबर
प्रदेश में LPG बुकिंग सिस्टम गड़बड़ी के बीच इंडेन ने वैकल्पिक बुकिंग नंबर  जारी किए हैं। इसमें ग्राहक अपने पंजीकृत मोबाइल से 77189 55555 डायल कर रिफिल बुकिंग करवा सकते हैं। ग्राहकों को  84549 55555 पर मिस्ड कॉल देकर भी गैस सिलिंडर बुक करने की सुविधा दी गई है। इसके अलावा  77189 55555 पर SMS भेजकर भी इंडेन गैस रिफिल बुकिंग संभव हो सकेगी। वहीं  75888 88824 नंबर पर “REFILL” लिखकर व्हाट्सएप से भी बुकिंग की सुविधा की गई है। 

सीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
गैस संकट को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बैठक कर गड़बड़ी करने वाली गैस एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।

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सीएम ने कहा कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए सिलिंडरों की कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं खाद्य सचिव अंबरीष कुमार ने जिला सप्लाई अधिकारियों को एलपीजी सप्लाई की निगरानी करने और हर जिले में टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दिए हैं।

बॉटलिंग प्लांटों में सीमित स्टॉक

प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में फिलहाल 2 से 3 दिन का बैकअप ही बचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव की स्थिति जल्द सामान्य भी हो जाए, तो गैस सप्लाई पूरी तरह पटरी पर आने में 10 से 15 दिन लग सकते हैं। वहीं खाड़ी देशों में उत्पादन घटने की स्थिति बनी रही तो सप्लाई सामान्य होने में एक महीने तक का समय लग सकता है।

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