लोकसभा चुनाव के लिए राजस्थान की 25 सीटों में से 15 पर शनिवार को प्रत्याशी घोषित कर दिए गए हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि इन सीटों के जातिगत समीकरण एक दूसरे से उलझे हुए हैं। इसलिए बीजेपी ने पहली सूची में राजस्थान के सात संभागों में हर संभाग के लिए टिकट का एलान किया है। शेष सूची में कोटा संभाग को छोड़ बाकी छह संभागों के लिए सीटों का एलान होना शेष है। कोटा संभाग की दोनों संसदीय सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं।
बता दें कि जिन संसदीय सीटों पर नामों का एलान बाकी है, उनमें से ज्यादार सीटें ऐसी हैं, जो बीजेपी के सर्वे में या तो कमजोर आ रही थीं या फिर उनके प्रत्याशियों का रिपोर्ट कार्ड कमजोर रहा। दूसरी बात यह कि बीजेपी पहली सूची में इसमें सभी वर्गों को साधा गया है। टिकटों की सूची में दो एससी, दो एसटी, चार सामान्य और सात ओबीसी हैं। अगली सूची में भी इन सभी वर्गों का प्रतिनिधत्व रहे, इसलिए अब जो सीटें शेष में से एक एससी, दो एसटी और सात गैर आरक्षित हैं। इनमें से कुछ सीटें ओबीसी बाहुल्य हैं, जिस पर बीजेपी को काफी मंथन करना होगा। क्योंकि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ओबीसी का एक बड़ा वर्ग इस बात को लेकर नाराज है कि उसे सरकार में उचित प्रतिनिधत्व नहीं दिया गया।
अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक-सवाई माधोपुर
अजमेर संभाग से अभी तीन सीटों का एलान बाकी है। इनमें अजेमर, भीलवाड़ा और टोंक-सवाई माधोपुर है। हालांकि, सवाई माधोपुर संसदीय का एक हिस्सा भरतपुर संभाग में भी आता है। वहीं, अजमेर संसदीय सीट की दूदू विधानसभा पहले जयपुर का हिस्सा थी। अब उसे नया जिला बना दिया गया है। अजमेर के सांसद भगीरथ चौधरी विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। इसलिए यहां भी बीजेपी टिकट बदलना चाहती है। संभावना है कि बीजेपी इस सीट के लिए एलायंस कर ले। इस पूरे संभाग की संसदीय सीटों का जातीय समीकरण बहुत उलझा हुआ है। इसलिए एक प्रत्याशी की जाति तय करेगी कि अगली सीट पर कौन उतरेगा।
गंगानगर-हनुमानगढ़ लोकसभा सीट
विधानसभा चुनावों में बीजेपी की शानदार जीत के बावजूद गंगानगर-हनुमानगढ़ में जबरदस्त हार हुई। एक संसदीय सीट में आने वाले इन दोनों जिलों की 10 विधानसभाओं में से सात पर कांग्रेस के विधायक हैं। इसलिए यहां के बीजेपी सांसद का टिकट कटने की संभावना प्रबल है। यह एससी सीट है।
करौली-धौलपुर लोकसभा सीट:
यह सीट भी बीजेपी के लिए चुनौती मानी जा रही है। हालांकि, फिलहाल यहां से बीजेपी के सांसद मनोज राजोरिया हैं। लेकिन तमान सर्वे रिपोर्ट इस सीट पर टफ फाइट बता रही है।
जयपुर शहर और ग्रामीण, झुंझुनूं लोकसभा सीट
इन तीनों सीटों पर भी बीजेपी ने टिकटों का एलान नहीं किया। इनमें से झुंझुनूं सांसद नरेंद्र कुमार विधानसभा चुनाव हार गए थे। जयपुर ग्रामीण के सासंद राज्यवर्धन विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं, इसलिए अब उनकी जगह दूसरा प्रत्याशी उतारा जाएगा। हालांकि, इसके लिए एक कांग्रेस नेता का नाम चल रहा है। लेकिन फिलहाल उनकी एंट्री बीजेपी में नहीं हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि वे पार्टी में आते हैं तो अजमेर या जयपुर ग्रामीण में से कोई एक सीट उन्हें दी जा सकती है।