राजस्थान
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14 सरकारी विभागों का 42 करोड़ किराया पेंडिंग
वक्फ बोर्ड के दस्तावेजों के अनुसार राजस्थान में उसकी 44 संपत्तियों पर 14 सरकारी दफ्तर चल रहे हैं। इनमें से 11 ऑफिसेज का किराया पीडब्ल्यूडी की ओर से निर्धारित किया जा चुका है। इन पर 2012 से अब तक कुल 42 करोड़ 73 लाख रुपए का किराया बाकी है। वक्फ संपत्तियों पर जिन सरकारी विभागों के दफ्तर चल रहे हैं, उनमें शिक्षा विभाग, विधि विभाग, नगरीय विकास विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, चिकित्सा विभाग, राजस्व विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पुरातत्व विभाग, गृह विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, पशुपालन विभाग शामिल हैं।
इनके अलावा वक्फ की जमीन पर जोधपुर, कोटा, चूरू में रेजिडेंशियल कॉलोनी, जयपुर, कोटा, जोधपुर, टोंक, करौली, झालावाड़ और हनुमानगढ़ में बाजार भी बने हुए हैं।
राजकुमार रौत ने दिया बड़ा बयान
इधर बांसवाड़ा और डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रौत ने वक्फ बोर्ड कानून को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। सांसद ने इसे भारतीय जनता पार्टी की साजिश करार देते हुए इसे अल्पसंख्यकों की जमीन हड़पने का एक तरीका बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून देश में नफरत का माहौल पैदा करेगा और समुदायों के बीच तनाव बढ़ाएगा। वक्फ बोर्ड की जमीन किसी से छीनी हुई नहीं है बल्कि दान में मिली हुई है। सरकार को इसे हड़पने का कोई अधिकार नहीं बनता। उन्होंने कहा कि यह कानून गलत है और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए।