शिवलिंग के ऊपर छत्र बनकर टिकी शिला।
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केदारनाथ की बाढ़ के दौरान जिस तरह पानी से बहकर आई एक शिला मंदिर के पीछे आकर रुक गई थी और भयंकर बाढ़ के बावजूद मंदिर का बाल भी बांका नहीं हुआ। उसी तरह का नजारा छोटी काशी जयपुर में देखने को मिला। यहां चांदपोल इलाके के नाहरगढ़ रोड दूसरे चौराहे पर स्थित जंगजीत महादेव मंदिर में भी गुरुवार रात को आए तूफान ने सैकड़ों वर्ष पुराने बरगद के पेड़ की जड़ों को हिला दिया।
पेड़ मंदिर सहित धराशायी हो गया, लेकिन मंदिर के मलबे में से ही एक शिला शिव पंचायत के ऊपर छत्र की तरह आकर रुक गई। पूरा मंदिर तहस-नहस हुआ, लेकिन मूर्तियां सुरक्षित रहीं। स्थानीय निवासी इसे भगवान का साक्षात चमत्कार बता रहे हैं।
गौरतलब है कि भारी मोटाई वाले बरगद के पेड़ के गिरते ही आस-पास की के मकानों की दीवारें तक गिर गईं परंतु मंदिर में स्थापित शिवलिंग एकदम सुरक्षित है। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। पेड़ इतना विशाल था कि नगर निगम को उसको हटाने में 12 घंटे की मशक्कत करनी पड़ी, परंतु शिव महिमा है कि शिवलिंग बिल्कुल सुरक्षित है।