राजधानी जयपुर में सीकर रोड पर ड्रेनेज सिस्टम सुचारू नहीं हो सका है। सीकर रोड पर मुरलीपुरा स्कूल से ढेहर का बालाजी तक वर्षा जलभराव की समस्या पिछले कई वर्षों से क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इसका कारण यह है कि यहां जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। परिणामस्वरूप मामूली बारिश में ही सड़क दरिया बन जाती हैं।
सावन के पहले सोमवार की सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश में पूरा जयपुर तरबतर हो गया। सीकर रोड पर ढेहर का बालाजी व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि जिंदल ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा इस संबंध में हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की। न्यायालय के आदेश के बावजूद नौकरशाही की हठधर्मिता इस कदर बरकरार है कि नागरिकों की समस्या का निराकरण आज तक नहीं हुआ।
मानसून से लगता है डर
राजस्थान के लोगों को झुलसाने वाली गर्मी के बाद मानसून का बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन सीकर रोड पर ढेहर के बालाजी से चौमूं पुलिया तक बसी कॉलोनियों के लोगों को मानसून का डर लगता है। जिसका कारण ये है कि बारिश में सड़कों पर 3-4 फ़ीट तक जलभराव हो जाता है। कोई पैदल तो क्या चौपहिया वाहन लेकर भी सड़क से नहीं जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई बीमार हो जाए तो मरीज को भी अस्पताल नहीं ले जा सकते और न ही एंबुलेंस आ-जा सकती है।
हाईकोर्ट के आदेश की हुई अवहेलना
स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र की सड़कों पर जलभराव की समस्या से निजात पाने के लिए उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका घनशयाम अग्रवाल और अन्य ने दायर की थी। याचिका में नाले पर स्थानीय दुकानदारों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण से भी निजात दिलाने की गुहार न्यायालय से लगाई गई। न्यायालय ने जेडीए को दोनों समस्याओं के निराकरण के आदेश दिए थे, लेकिन जेडीए अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण दोनों समस्याएं आज भी बनी हुई हैं।
जेडीए का ये है कहना
जेडीए ने जनहित याचिका का जवाब देते हुए कहा कि मास्टर ड्रेनेज शाखा द्वारा पूर्व में तैयार प्रस्ताव के आधार पर पुन: रोड नंबर 2 से चौमूं पुलिया होते हुए द्रव्यवती नदी तक एग्जिस्टिंग ड्रेन के साथ रोड के दोनों तरफ बॉक्स ड्रेन बनाने का प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जेडीए ने यह भी लिखा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए मूल पत्रावली प्रवर्तन शाखा को भेजी जाएगी।
स्थानीय व्यापार प्रभावित, लोग नौकरी, काम-धंधों पर नहीं जा पा रहे
सीकर रोड पर दोनों तरफ दुकानें हैं। आगे वीकेआई इंडस्ट्रियल एरिया, मुरलीपुरा, विद्याधर नगर और जयपुर शहर को भी यह सड़कें जोड़ती हैं। मानसून के दौरान सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि आम लोग, नौकरी पेशा, काम धंधे पर जाने वाले लोग, ग्राहक तो क्या खुद दुकानदार भी दुकानों में नहीं जा सकते। ऐसे में यहां का व्यापार मानसून के दिनों में पूरी तरह से ठप हो जाता है। दुकानदारों का कहना है कि बारिश रुकने के कई दिनों बाद भी व्यापार गति नहीं पकड़ पाता। इसका कारण ये है कि दुकानों के आगे कीचड़ कई दिनों तक नहीं सूख पाता है। इसलिए ग्राहक आते कतराते हैं।
नाले में बहने से बच्चे की मौत
सीकर रोड VKI एरिया पर रोड नंबर-6 मुरलीपुरा इलाके में शेखावाटी नगर में सब्जी मंडी के पास नाले में बहने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बच्चा झारखंड का रहने वाला बताया जा रहा है।
जयपुर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव
राजधानी जयपुर में पिछली रात से चल रही बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई। जयपुर की अजमेर रोड पानी की वजह से पूरी तरह जाम हो गई है। जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर, चारदीवारी, जगतपुरा, सभी जगह पानी के भराव के कारण जाम की स्थिति उत्पन हो गई।
सांचौर में 40 एमएम बारिश
डेढ़ घंटे तक सांचौर शहर में मूसलाधार बारिश हुई 40 एमएम पानी बरसा। शहर की सड़कें पूरी तरह से तालाब का रूप में तब्दील हो गईं। शहर के कई घरों में पानी घुस गया। मुख्य बाजार में तीन-तीन फीट पानी का भराव हो गया। सड़कों पर पानी बहने के कारण मुख्य बाजार में खड़ी कारें व बाइक पानी के साथ बहती नजर आईं। हाड़ेचा बस स्टेशन से मेहता अस्पताल तक शहर का पूरा पानी एकत्रित होने के चलते रामदेव कॉलोनी भाटों का वास सहित वार्ड संख्या 34 के घर जलमग्न हो गए। सांचौर शहर में पानी की नियमित रूप से निकासी नहीं होने के कारण हर बारिश के बाद ऐसे हालात बनते हैं। राजस्थान के जालौर में वैसे पांच दिन से लगातार बारिश का दौर जारी है। ऐसे में कई इलाकों में ज्यादा बारिश तो कहीं जगह तेज बारिश लगातार जारी है।