जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में रेवेन्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के शिपिंग सिस्टम में सेंधमारी कर करीब दो करोड़ रुपये के बैंकिंग जीपीएस उपकरण चोरी करने के मामले में पुलिस ने कंपनी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 162 जीपीएस उपकरण, 103 एंटीना और 3.50 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
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जयपुर। सांगानेर सदर थाना पुलिस ने सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रेवेन्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के शिपिंग सिस्टम में सेंधमारी कर लगभग दो करोड़ रुपये मूल्य के बैंकिंग जीपीएस उपकरणों की चोरी का रविवार रात खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के ही दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पिछले चार से छह महीनों के दौरान शिपरॉकेट खाते का दुरुपयोग कर बिना भुगतान के लगभग 4,826 फर्जी ऑर्डर तैयार किए थे।
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फर्जी ऑर्डर और डिलीवरी की हेराफेरी
कंपनी के सिस्टम में तैयार किए गए इन फर्जी ऑर्डरों को प्रीपेड दर्शाया गया था, जबकि पेमेंट गेटवे पर किसी भी तरह के भुगतान की प्रविष्टि दर्ज नहीं थी। आरोपियों ने असली ऑर्डर आईडी की नकल की और पुराने ग्राहकों के नाम तथा ई-मेल का इस्तेमाल किया। उन्होंने डिलीवरी से ठीक पहले पंजीकृत मोबाइल नंबरों को बदलकर ओटीपी अपने फोन पर मंगवाए। इस प्रकार जालसाजी कर जयपुर में ही लगभग 1,500 पार्सल की डिलीवरी प्राप्त करने का मामला सामने आया है।
कंपनी के दो कर्मचारी निकले मास्टरमाइंड
पुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने रविवार को ईदगाह गलतागेट निवासी 22 वर्षीय अजरुद्दीन उर्फ अजहर और 23 वर्षीय मोहम्मद जैद को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी कंपनी में ग्राहक सेवा प्रतिनिधि के तौर पर काम करते थे और उनके पास कंपनी के सॉफ्टवेयर की पहुंच थी। इस सुविधा का अनुचित लाभ उठाते हुए उन्होंने पुराने ग्राहकों की आईडी से फर्जी ऑर्डर बुक किए। तत्पश्चात डिलीवरी का पता बदलकर सभी उपकरण अपने पास मंगवा लिए और बाद में उन्हें बाजार में कम कीमत पर बेच दिया।
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नकद रकम तथा उपकरण बरामद
थाना प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से 162 जीपीएस 8.0 उपकरण, 103 एंटीना और 3.50 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी के उपकरण बेचकर मिली राशि से खरीदा गया लैपटॉप, प्रिंटर, सिलाई मशीनें और कुर्सियां भी जब्त की हैं। पुलिस अब उपकरण खरीदने वाले लोगों तथा मामले में शामिल अन्य संदिग्धों का पता लगा रही है। इन जीपीएस 8.0 उपकरणों का इस्तेमाल भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ वडोदरा समेत विभिन्न बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्रों और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट के जरिये होने वाले बैंकिंग लेन-देन में किया जाता है। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर हर डिवाइस का अलग सीरियल नंबर दर्ज रहता है।