राजधानी जयपुर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र के मालवीय नगर इलाके में एक गर्भवती महिला से छेड़छाड़ की घटना सामने आई है, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि महिला मोबाइल पर बात करते हुए जा रही थी। इसी दौरान एक बदमाश काफी दूर से उसका पीछा करता रहा। सुनसान गली में मौका पाकर आरोपी ने पीछे से महिला को पकड़ लिया और अश्लील हरकत की। महिला के विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकला। घटना का वीडियो वायरल होने के करीब 24 घंटे बाद पुलिस इस मामले में सक्रिय हुई। रविवार दोपहर जवाहर सर्किल थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में जयपुर में छेड़छाड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। आमेर में विदेशी युवती से अभद्रता, ऑटो ड्राइवर द्वारा पर्यटक से गलत व्यवहार और इस्कॉन रोड पर बाइक सवार युवती से छेड़छाड़ जैसे मामले पहले ही सामने आ चुके हैं। अब गर्भवती महिला से छेड़छाड़ की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 का हवाला देते हुए कहा कि छेड़छाड़ संज्ञेय अपराध है, जिसमें पुलिस स्वयं एफआईआर दर्ज कर सकती है और बिना वारंट गिरफ्तारी का अधिकार रखती है। इसके बावजूद कार्रवाई में देरी गंभीर सवाल खड़े करती है।
पूर्व सीएम ने अपनी सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में अनिवार्य एफआईआर का नियम लागू था और ऐसे मामलों में पुलिस खुद संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार अपराध के आंकड़े कम दिखाने के लिए कार्रवाई में ढिलाई बरत रही है।
गहलोत ने कहा कि राजस्थान की बेटियां आज असुरक्षित महसूस कर रही हैं और सरकार व पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि जब कानून और अधिकार दोनों मौजूद हैं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।