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जयपुर में ‘ओरण बचाओ’ यात्रा पर बवाल: धरने पर बैठे विधायक भाटी, पुलिस से हुई नोंकझोंक; जमकर हुआ प्रदर्शन

Thu, 16 Apr 2026 05:30 PM IST
हिमांशु सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में ‘ओरण बचाओ’ पदयात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प हो गई। विधायक रविंद्र भाटी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग ओरण और गोचर भूमि संरक्षण की मांग को लेकर सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे थे। तभी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक लिया।

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विधायक रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में निकली ओरण बचाओ पदयात्रा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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जयपुर में गुरुवार को ‘ओरण बचाओ’ पदयात्रा के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। यह पदयात्रा बाड़मेर जिले के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में निकाली जा रही थी। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में ओरण (पारंपरिक चारागाह और संरक्षित वन क्षेत्र) भूमि के संरक्षण को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।
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प्रदर्शनकारियों को सीएम हाउस से पहले रोका
सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन से शुरू हुई इस पदयात्रा में जैसलमेर सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सैकड़ों लोग शामिल हुए। यात्रा मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रही थी, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से इसे भवानी निकेतन के पास ही रोक दिया। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प हो गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग वहीं धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करने लगे।

भाटी बोले- सरकार नहीं कर रही प्रभावी कार्रवाई
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विधायक भाटी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बुजुर्ग और ग्रामीण जयपुर पहुंचे हैं, जिन्होंने देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन आज उन्हें अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशीलता की कमी बताया। भाटी ने यह भी कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में ओरण भूमि अब तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाई है, जिसके कारण अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसका असर पर्यावरण के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों की आजीविका पर भी पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर बड़े उद्योगों और कंपनियों द्वारा अतिक्रमण के मामलों में सरकार प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है।
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जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने खेजड़ी पेड़ों के संरक्षण और गोचर भूमि को सुरक्षित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सरकार ने पहले इन मुद्दों पर कानून बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। आंदोलनकारियों के अनुसार यह पदयात्रा 21 जनवरी को तनोट माता मंदिर से शुरू हुई थी और इसमें शामिल लोग नंगे पैर लंबी दूरी तय कर रहे हैं। वे ओरण भूमि, जल स्रोतों और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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कहां से शुरू हुई यात्रा
ओरण बचाओ यात्रा की शुरुआत सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन से हुई। इस यात्रा में जयपुर से करीब 700 किलोमीटर दूर जैसलमेर के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
 
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