जयपुर में आयोजित राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा के दौरान भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। एडहॉक कमेटी के कन्वीनर डॉ. मोहित यादव ने बताया कि भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी के खिलाफ महिला खिलाड़ियों के साथ उत्पीड़न और छेड़छाड़ सहित कई गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जो 25 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
डॉ. मोहित यादव ने कहा कि मामला संवेदनशील है और इसमें पॉक्सो एक्ट से जुड़े पहलू भी हो सकते हैं, इसलिए फिलहाल विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। जांच समिति पीड़ित पक्ष, गवाहों और संबंधित सचिव का पक्ष सुनने के बाद अपनी रिपोर्ट एडहॉक कमेटी को सौंपेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ आरसीए से आजीवन प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आरसीए महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने प्रदेश की सभी महिला खिलाड़ियों और बच्चियों से अपील की कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार का गलत व्यवहार हुआ है तो वे सामने आएं और पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। आरसीए हर स्तर पर उनके साथ खड़ी रहेगी। मोहित यादव ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के चयन और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें पहले भी कई जिला क्रिकेट संघों से मिलती रही हैं लेकिन महिला खिलाड़ियों के उत्पीड़न जैसी शिकायत पहली बार भरतपुर से सामने आई है।
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दूसरी ओर भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि एडहॉक कमेटी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि वह कौन होती है फैसला सुनाने वाली। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनके खिलाफ इतनी गंभीर शिकायतें हैं तो अब तक किसी पीड़िता ने पुलिस में एफआईआर क्यों दर्ज नहीं कराई? तिवारी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों से भरतपुर की महिला टीम तक नहीं बनी है, ऐसे में महिला खिलाड़ियों के उत्पीड़न के आरोप समझ से परे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है ताकि उन्हें सचिव पद से हटाकर आरसीए कन्वीनर डॉ. मोहित यादव अपने पसंदीदा लोगों को भरतपुर जिला क्रिकेट संघ में ला सकें।
उन्होंने कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी के नि:स्वार्थ कार्यकर्ता हैं और जब वैभव गहलोत RCA अध्यक्ष थे तब भी उन्होंने उनके खिलाफ चुनाव लड़ा था तथा कई मुकदमे झेले थे। अब अपनी ही सरकार के समय उन्हें झूठे आरोपों में फंसाकर हटाने का प्रयास किया जा रहा है। शत्रुघ्न तिवारी ने कहा कि वे पुलिस, एसओजी या किसी भी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं लेकिन पहले उनके खिलाफ विधिवत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उन पर लगाए गए आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो वे जीवनभर क्रिकेट छोड़ देंगे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि आरसीए की एजीएम में उनके खिलाफ कार्रवाई या जांच संबंधी कोई चर्चा नहीं हुई, जबकि एडहॉक कमेटी के कन्वीनर इसे बैठक का प्रमुख एजेंडा बता रहे हैं। इससे दोनों पक्षों के दावों में भी स्पष्ट विरोधाभास सामने आया है।
बैठक में एडहॉक कमेटी ने पिछले 90 दिनों के निर्णयों की जानकारी भी जिला क्रिकेट संघों को दी। घरेलू खिलाड़ियों के दैनिक भत्ते में बढ़ोतरी, जयपुर और उदयपुर में आरसीए स्टेडियम निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने, नए लोकपाल की नियुक्ति तथा नागौर जिला क्रिकेट संघ को डिसएफिलिएट करने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।