जयपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोमवार को पुलिस मुख्यालय में महिला सुरक्षा, महिला अपराधों और सामाजिक चुनौतियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने की। इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में महिला अपराधों की वर्तमान स्थिति, उन्हें नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव और सुझाव भी साझा किए।
अपराधों में गिरावट को बताया सकारात्मक संकेत
बैठक के दौरान विजया रहाटकर ने कहा कि हालिया आंकड़ों में महिलाओं से जुड़े अपराधों में गिरावट देखने को मिली है, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ श्रेणियों में शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है। उनके अनुसार इसे नकारात्मक नहीं बल्कि जागरूकता और महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग हो रही हैं और जरूरत पड़ने पर कानून का सहारा लेने से पीछे नहीं हट रही हैं। यह बदलाव समाज में बढ़ती जागरूकता का संकेत माना जा सकता है।
आंकड़ों में सुधार के संकेत
विजया रहाटकर ने वर्ष 2024, 2025 और 2026 के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिला अपराधों के मामलों में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार यह पुलिस और प्रशासन के लगातार प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने साइबर अपराधों को लेकर चिंता भी जताई और कहा कि इन मामलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के साथ-साथ बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी भी देखने को मिलती है। ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी और सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता है।
समन्वय बढ़ाने और जागरूकता पर जोर
बैठक में राज्य और जिला स्तर पर राष्ट्रीय महिला आयोग के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की पहल की सराहना की गई। विजया रहाटकर ने कहा कि पुलिस और आयोग के बीच बेहतर समन्वय से महिला सुरक्षा के मामलों में और प्रभावी परिणाम सामने आ सकते हैं।
उन्होंने आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को कानूनी प्रशिक्षण देने का सुझाव भी दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके। इसके साथ ही थानों में एनजीओ काउंसलर्स की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया, जो कई मामलों में विवादों के समाधान और पीड़ित महिलाओं को मानसिक तथा कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
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महिला सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता
बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि संवेदनशील मामलों को ‘केस ऑफिसर स्कीम’ के तहत लिया जा रहा है, जिससे मामलों की प्रभावी निगरानी और आरोपियों को जल्द सजा दिलाने में मदद मिलती है।
उन्होंने जयपुर पुलिस के ‘सशक्त नारी, जिम्मेदारी हमारी’ अभियान सहित महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कर्मियों का सम्मान
बैठक के बाद आयोजित कार्यक्रम में राज्यभर से आई महिला पुलिसकर्मियों, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की सदस्याओं और सुरक्षा सखियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। विजया रहाटकर ने इन महिलाओं को ‘रियल लाइफ हीरो’ बताते हुए कहा कि समाज में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से ये महिलाएं अन्य बेटियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न अभियानों और पहलों की जानकारी भी साझा की गई।