नगर निगम ग्रेटर की साधारण सभा की बैठक सोमवार को विवादों और हंगामे के बीच हुई। मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर की अध्यक्षता में शुरू हुई इस बैठक में कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद काली पट्टी बांधकर पहुंचे और 'नगर निगम एकीकरण रद्द करो' के पोस्टर लहराए। बैठक वंदे मातरम के साथ तय समय से 36 मिनट की देरी से शुरू हुई।
श्रद्धांजलि सभा के बाद हंगामे की शुरुआत
बैठक की शुरुआत दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने और दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद सभा 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। जैसे ही बैठक दोबारा शुरू हुई, कांग्रेस पार्षद करण शर्मा ने मिठाई के डिब्बे में कचरा रखकर मेयर की टेबल पर रख दिया। उन्होंने कहा, "यह जनता ने भेजा है, इसे स्वीकार करें।" हालांकि, मेयर उस समय कुर्सी छोड़ चुकी थीं।
पट्टा विवाद बना हंगामे का केंद्र
बैठक में जगतपुरा में 100 फीट रोड पर पट्टे जारी करने का मामला उछला। भाजपा पार्षद रामस्वरूप मीणा और श्रवणी देवी ने इस पर कड़ा विरोध जताया और गलत पट्टे जारी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। रामस्वरूप मीणा ने मेयर के सामने दंडवत बैठकर पट्टा निरस्त करने की मांग रखी।
विपक्ष का प्रदर्शन, सदन में पोस्टर लहराए
सदन में विपक्ष ने "महापौर मुर्दाबाद" के पोस्टर लहराए। सदन की वेल में पहुंचकर हंगामा किया। इस बीच श्रवणी देवी और ममता बांगड़ा के बीच तीखी बहस हुई, जब ममता ने श्रवणी के हाथ से कागज फाड़ दिया।
बैठक बार-बार स्थगित
विवादों और हंगामे के कारण बैठक को बार-बार स्थगित करना पड़ा। आखिरकार, माहौल शांत करने के लिए मेयर ने रामस्वरूप मीणा और श्रवणी देवी को अपने कक्ष में बुलाकर उनकी बात सुनी।
नगर निगम की कार्यशैली सवालों के घेरे में
नगर निगम ग्रेटर की यह बैठक मुद्दों पर चर्चा के बजाय हंगामे और विरोध प्रदर्शनों के कारण सुर्खियों में रही। विपक्ष और पक्ष के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।