प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की सड़कों पर रविवार देर रात एक विचलित करने वाली घटना सामने आई। अस्पताल के गार्ड ने देर रात करीब 1 बजे एक कुत्ते को मुंह में इंसानी हाथ लेकर घूमते हुए देखा। यह दृश्य देखकर गार्ड ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, हालांकि पुलिस जांच में पता चला कि यह हाथ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती युवक विक्रम का था, जिसे गत 18 जून को थ्रेशर मशीन में हाथ आ जाने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हैरत की बात है कि ऑपरेशन के पांच दिन बाद अस्पताल परिसर में कुत्ता मुंह में कटा हुआ हाथ लेकर घूमता हुआ नजर आया। हाथ पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में रखा, जहां से मोर्चरी में शिफ्ट किया गया। इस घटना ने अस्पताल की सफाई और कचरा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
10 घंटे की मशक्कत के बाद खुला हाथ का राज
एसएमएस थाना के इंचार्ज सुधीर उपाध्याय ने बताया कि देर रात सूचना मिलने के बाद हाथ का पता लगाने के लिए 5 जवानों की टीम गठित की गई थी, जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथ का राज खोल दिया।