मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय सीए सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान बिजली और पानी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि "हमने सोचा भी नहीं था कि ऑपरेशन सिंदूर का सबसे बड़ा लाभ राजस्थान को मिलेगा। अब तो सिंधु नदी का पानी भी सबसे ज़्यादा राजस्थान को मिलने वाला है। जब आप पूरी निष्ठा से काम करते हैं तो ईश्वर भी साथ देता है।" उन्होंने अगले महीने 1500 नौकरियां देने की घोषणा भी की।
सीएम: अगले महीने 15,000 और सरकारी नौकरियों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हर साल एक लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य पर काम कर रही है। “पिछले जुलाई से अब तक 75,000 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और अगले महीने 15,000 नई भर्तियां और की जाएंगी। हमने राइजिंग राजस्थान के ज़रिए युवाओं से वादा किया था कि 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में नौकरियां देंगे, उस दिशा में काम जारी है।” उन्होंने कहा कि कुछ भर्तियां अदालतों में लंबित हैं, लेकिन सरकार वर्ष दर वर्ष वादे पूरे करेगी।
बोले- ग्रामीण टूरिज्म के लिए हवेलियों को टूटने से बचाया
सीएम ने कहा कि राजस्थान में पर्यटन के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है। उन्होंने कहा, शेखावाटी से लेकर बीकानेर तक जो पुरानी हवेलियां हैं। हमारी धरोहर हैं। हमने उनको रोका है कि कोई इनको तोड़ेगा नहीं। हमने उनको तोड़ने पर बैन लगा लिया। हम सभी राजस्थानी प्रवासियों से बात कर रहे हैं कि आप आइए और अपनी हवेलियों को संभालिए। सरकार पूरी तरह उस पर पैसा भी देगी और ग्रामीण टूरिज्म के हिसाब से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, उस क्षेत्र में भी हम काम कर रहे हैं।
सीएम शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने 22 महीनों में 4750 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर दिखाया है। “हमने यह ठान लिया है कि 2027 तक राजस्थान बिजली लेने वाला नहीं, बिजली देने वाला राज्य बनेगा। किसानों को दिन में बिजली देंगे, उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति करेंगे और आमजन को 24 घंटे बिजली मिलेगी।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान को जल और बिजली दोनों क्षेत्रों में सबसे पहले एमओयू मिले हैं, और प्रदेश सरकार उस दिशा में तीव्र गति से कार्य कर रही है।