प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश मुख्यालय में उस समय असहज स्थिति बन गई, जब केंद्रीय रेल एवं सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव का संबोधन जारी रहते हुए अचानक बिजली गुल हो गई।
संबोधन के बीच छाया अंधेरा, थम गया कार्यक्रम
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अश्विनी वैष्णव प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे सभागार में अंधेरा छा गया और कार्यक्रम कुछ समय के लिए रुक गया। अचानक हुई इस घटना से भाजपा पदाधिकारियों के बीच असहजता का माहौल बन गया।
ऊर्जा मंत्री ने संभाला मोर्चा, अधिकारियों को किए फोन
बिजली जाने के बाद मंच पर मौजूद राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने तत्काल फोन पर अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कई फोन किए, लेकिन तत्काल कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद वे अपनी सीट छोड़कर बाहर चले गए।
प्रदेशाध्यक्ष भी दिखे नाराज, बढ़ी हलचल
वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी स्थिति को लेकर नाराज नजर आए। हालांकि, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पूरे घटनाक्रम के दौरान शांत और सहज बने रहे। उन्होंने करीब पांच मिनट तक बिजली आने का इंतजार किया, लेकिन जब आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे अपनी कुर्सी से उठकर सीधे पत्रकारों के बीच पहुंच गए।
अंधेरे में ही शुरू कर दी सवाल-जवाब की चर्चा
अंधेरे के बीच ही उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'आइए, ऐसे ही चर्चा कर लेते हैं।' इसके बाद उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और संवाद जारी रखा।
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पूरे कार्यक्रम में बनी रही चर्चा का विषय
प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा के मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री की प्रेस वार्ता के दौरान बिजली गुल होने की घटना पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच भी इस घटना को लेकर काफी देर तक बातचीत होती रही।