फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan News: ICU संक्रमण रोकने के लिए राजस्थान सरकार की नई तैयारी, अस्पतालों का होगा सर्वे

Thu, 11 Jun 2026 04:07 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर, कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामलों के बाद राजस्थान सरकार ने सरकारी अस्पतालों के ICU की विशेष मॉनिटरिंग का फैसला किया है। संक्रमण की समय पर पहचान के लिए आधुनिक डिटेक्शन मशीनें लगाने और सर्वे कराने की तैयारी शुरू हुई है।

विज्ञापन
एसएमएस अस्पताल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जयपुर, कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामलों के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के बड़े सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है। विभाग ने अब अस्पतालों में संचालित आईसीयू (ICU) की विशेष मॉनिटरिंग करने का फैसला किया है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि आईसीयू में संक्रमण को प्रभावी तरीके से रोकने के लिए विभाग स्तर पर मंथन शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों को संक्रमण नियंत्रण के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

योजना के तहत अस्पतालों में संक्रमण की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक इन्फेक्शन डिटेक्शन मशीनें लगाने पर काम किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि सबसे पहले प्रदेश के अस्पतालों में सर्वे कराया जाएगा, जिसमें आईसीयू की मौजूदा स्थिति, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और आवश्यक उपकरणों की जरूरत का आकलन किया जाएगा।

सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से अस्पतालों में मशीनें स्थापित की जाएंगी, ताकि संक्रमण की शुरुआती अवस्था में ही पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया जा सके।

विज्ञापन


यह भी पढें- Rajya Sabha Election: राजस्थान की तीनों सीट का नहीं बदलेगा समीकरण, राज्यसभा पहुंचे पूनिया, अलका और डांगी

निजी एजेंसी से सर्वे कराने पर विचार

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में छोटे और बड़े मिलाकर 20 हजार से अधिक अस्पताल हैं। ऐसे में सभी अस्पतालों की प्रत्यक्ष मॉनिटरिंग करना चुनौतीपूर्ण है। इसे देखते हुए विभाग आउटसोर्सिंग मॉडल पर काम कर रहा है और एक निजी एजेंसी को नियुक्त कर अस्पतालों का सर्वे और रिपोर्ट तैयार कराने की योजना बनाई जा रही है।

विभाग का मानना है कि आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में समय पर पहचान से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकेगा। विशेष रूप से प्रसूताओं, नवजात शिशुओं और गंभीर मरीजों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें