जयपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन भगवान विष्णु' चलाकर भगवान विष्णु की 21 इंच लंबी अष्टधातु की मूर्ति को सोने की बताकर बेचने का प्रयास कर रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सूरजपोल अनाज मंडी के सामने आरोपी को धर दबोचा।
फर्जी ग्राहक बनकर बिछाया जाल
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) बिपिन कुमार पाण्डेय ने बताया कि सीआईडी-सीबी की विशेष टीम को शहजाद नाम के व्यक्ति के पास पुरानी सोने की मूर्ति होने और उसे बेचने की कोशिश की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस की टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। इसके बाद सहायक उपनिरीक्षक दुष्यंत सिंह और हेड कांस्टेबल शाहिद अली ने बोगस ग्राहक बनकर आरोपी से संपर्क साधा। बातचीत के दौरान आरोपी ने शुरुआत में मूर्ति की कीमत 10 लाख रुपये मांगी। हालांकि, मोलभाव के बाद सौदा 3 लाख 10 हजार रुपये नकद में तय हो गया।
गड्डी में ऊपर और सबसे नीचे ही असली नोट
सौदे के अनुसार आरोपी से गलतागेट थाना क्षेत्र में मुलाकात तय हुई। बोगस ग्राहक बनी पुलिस टीम नकद राशि लेकर वहां पहुंची। गड्डी में सबसे ऊपर और सबसे नीचे असली नोट रखे गए थे, जबकि बीच में मनोरंजन बैंक के नकली नोट लगाए गए थे। मुलाकात के दौरान मूर्ति को देखने पर पुलिस टीम को उसके असली सोना होने पर गहरा संदेह हुआ। संदेह होते ही टीम ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। सूचना पर गलतागेट थानाधिकारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और सलेमपुर (करौली) निवासी अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर लिया।
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पुरातात्विक महत्व की होगी जांच
पूछताछ में आरोपी अब्दुल कादिर ने बताया कि सौदा तय होने के बाद 8 सितंबर की रात शहजाद के कहने पर अब्दुल समद ने उसे मूर्ति की डिलीवरी देने के लिए जयपुर भेजा था। इस काम के बदले उसे 10 हजार रुपये मिलने तय हुए थे। पुलिस अब बरामद अष्टधातु की मूर्ति की प्राचीनता, धातु की सत्यता और उसके ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व की जांच कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जाएगा।