जयपुर में केसर स्वीट्स के खिलाफ कार्रवाई में देरी करना सीएमएचओ सेकंड डॉ. मनीष मित्तल को भारी पड़ गया। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें एपीओ कर दिया है। एपीओ अवधि में उन्हें स्वास्थ्य निदेशालय में उपस्थिति देनी होगी। विभाग ने यह कार्रवाई काजू कतली का सैंपल अनसेफ मिलने के बावजूद करीब डेढ़ महीने तक दुकान के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के मामले में की है।
दरअसल, सीएमएचओ की टीम ने 24 अगस्त को दुर्गापुरा से जेएलएन मार्ग जाने वाले एसएल मार्ग स्थित केसर स्वीट्स पर छापा मारा था। इस दौरान काजू कतली सहित कई मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में काजू कतली का सैंपल अनसेफ पाया गया। इसके बावजूद सीएमएचओ कार्यालय ने लंबे समय तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
मामला मीडिया में आने के बाद 26 अक्टूबर को दुकान का फूड लाइसेंस निलंबित किया गया, लेकिन इसके बाद भी वहां मिठाइयों की बिक्री जारी रही। लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद बिक्री की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची तो विभाग ने सीएमएचओ जयपुर को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद डॉ. मित्तल ने टीम भेजकर दुकान को सीज करवाया।
पूरे प्रकरण में सीएमएचओ की भूमिका पर सवाल उठने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें पद से हटाकर एपीओ कर दिया। डॉ. मित्तल मई 2025 से जयपुर सीएमएचओ सेकंड के पद पर कार्यरत थे।
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हाईकोर्ट ने लाइसेंस निलंबन के आदेश पर लगाई रोक
दूसरी ओर, केसर स्वीट्स की काजू कतली बनाने वाली कंपनी द डिवाइन टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने कंपनी का फूड लाइसेंस निलंबित करने के खाद्य सुरक्षा विभाग के 26 अक्टूबर 2026 के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।
कंपनी के मालिक दलजीत सिंह ने लाइसेंस निलंबन के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।