उन्होंने बताया कि मैं उस 10 पैरा एसएफ की विशेष टुकड़ी का हिस्सा था, जिसने 1971 की जंग में पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। हमने जैसलमेर के चोहटन से पाकिस्तान पर चढ़ाई शुरू की। मात्र 45 विशेष सैनिकों की टुकड़ी थी। उस वक्त हमारे पास जोंगा जीपें थीं, एक-एक जीप में 2-2 स्पेशल फोर्स के सिपाही बैठे थे। मात्र चार घंटों में ही हमने छाछरो से कच्छ तक का एरिया खाली करवा लिया। पाकिस्तान के सैनिक अपनी पोस्ट छोड़-छोड़ कर भाग गए।
आज भी 48 घंटे नहीं टिक सकता पाकिस्तान
कान सिंह ने बताया कि आज अगर भारत और पाकिस्तान के बीच फुल स्केल वॉर हो जाता है तो पाकिस्तान 48 घंटे में ही यह जंग हार जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले भारत की स्थिति अब और भी ज्यादा मजबूत हो गई है।
आज भी फ्रंट पर जाने को तैयार
उन्होंने कहा कि मैं अपने देश की सरकार और सेना से अपील करता हूं कि जब भी उन्हें हमारी जरूरत हो हम खुशी से उनके साथ लड़ने को तैयार हैं। बोले कि 1971 की जंग में स्थानीय लोगों ने सेना की बहुत मदद की थी और आज भी वे कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने को तैयार हैं।