जयपुर के आधी इलाके में दांतली घाटी बंधे रस्ते पर एक शव की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव का सिर पत्थरों से कुचला हुआ मिला। शव की शिनाख्त करने पर मृतक की पहचान अलवर निवासी विश्वनाथ योगी के रूप में हुई। मृतक के भाई ने हत्या का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की और 24 घंटों में ही अलवर निवासी महेश, राजेश और महेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार मृतक योगी की पत्नी ममता देवी का तीन साल से महेश कुमार के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। योगी जयपुर में आरोपी महेश के साथ रिक्शा चलता था। मृतक दस महीने में एक या दो बार अपने घर जाता था। मृतक ने जयपुर के जय सिंह खोर में एक प्लॉट भी लिया था, जहां वो अपनी पत्नी ममता के साथ कुछ समय रहा भी था।
ममता और महेश के साथ प्रेम प्रसंग की जानकारी मिलने के चलते योगी अपनी पत्नी को अपने गांव छोड़ आया था। ममता अपने पति की निगरानी के चलते महेश से मिल नहीं पा रही थी, जिसके कारण ममता ने महेश के साथ मिलकर अपने पति को मारने का साजिश रची। महेश ने पैसे का लालच देकर राजेश मीणा और रवि को भी अपने प्लान में हिस्सेदार बना लिया।
ममता अपने पीहर चली गई, जहां से उसने अपने पति को बुलाया और दो अक्टूबर को दोनों पति-पत्नी मोटर साइकिल पर निकले। पत्नी ममता ने गाड़ी रोकने की बात कही। योगी ने गाड़ी रोकी तभी ममता ने उसके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया। वो बेहोश हो गया। फिर सब ने मिलकर उसकी हत्या कर चेहरे को पत्थरों से कुचल दिया। पुलिस ने ममता और महेश सहित दो और आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।