मुहाना थाना इलाके में करीब 15 माह पुराने महिला हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने महिला की हत्या के आरोप में उसके पति और बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों ने मिलकर महिला की हत्या की और वारदात के बाद शव को सुनसान इलाके में स्थित एक गहरे कुएं में फेंक दिया। हत्या के बाद पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने खुद ही महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी।
संयुक्त टीम ने शुरू की मामले की जांच
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण ललित कुमार शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त मानसरोवर हेमेन्द्र शर्मा के निर्देशन में मुहाना थाना पुलिस, जिला विशेष टीम जयपुर दक्षिण और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम ने घटनास्थल के आसपास लोगों से जानकारी जुटाने के साथ तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके अलावा संदिग्धों से पूछताछ भी की गई। इसी दौरान पुलिस को महिला की हत्या से जुड़े अहम सुराग मिले।
बेटे ने दर्ज कराई थी मां की गुमशुदगी
पुलिस के मुताबिक, 21 जुलाई 2025 को मृतका के बेटे हरिओम चौधरी ने मुहाना थाने पहुंचकर अपनी मां मिंटू चौधरी उर्फ सीमा चौधरी के 27 मई 2025 से घर नहीं लौटने की सूचना दी थी। उसने पुलिस को बताया था कि महिला का मोबाइल फोन बंद है और रिश्तेदारों से भी उसके बारे में जानकारी ली गई, लेकिन महिला का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी थी। काफी समय तक महिला का कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच के अलग-अलग पहलुओं पर काम शुरू किया।
जांच में पति और बेटे पर गहराया शक
जांच के दौरान जिला विशेष टीम को सूचना मिली कि महिला की हत्या उसके पति लालाराम चौधरी और बेटे हरिओम चौधरी ने की है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि हत्या के बाद शव को एक कुएं में छिपाया गया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने गांव अचरावाला के पास स्थित एक सुनसान कुएं में महिला का शव फेंकने की जानकारी दी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने कुएं में तलाशी अभियान चलाया और वहां से महिला का सड़ा-गला शव बरामद किया।
कंबल में लपेटकर रात में ऑटो से ले गए थे शव
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने महिला के शव को कंबल में लपेट दिया था। इसके बाद रात के समय शव को ऑटो से कुएं तक ले जाया गया और वहां उसे फेंक दिया गया। पुलिस के अनुसार, वारदात का पता नहीं चले, इसके लिए आरोपियों ने महिला के परिजनों को भी लगातार गुमराह किया। परिजनों के पूछने पर आरोपियों ने कभी महिला के तिहाड़ जेल में बंद होने की बात कही तो कभी बताया कि वह भरतपुर जेल में है।
बहन को हुआ शक तो खुलने लगी सच्चाई
महिला की बहन को आरोपियों की इन बातों पर संदेह हुआ। इसके बाद उसने जेल प्रशासन से संपर्क किया, लेकिन महिला के तिहाड़ या भरतपुर जेल में बंद होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद आरोपियों ने खुद को बेगुनाह दिखाने के लिए थाने में महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ते हुए लालाराम चौधरी और उसके बेटे हरिओम चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से हत्या के कारणों, वारदात को अंजाम देने के तरीके और शव को कुएं में ठिकाने लगाने समेत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।