फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: झालावाड़ स्कूल हादसे पर HC सख्त, केंद्र व राज्य सरकार से 14 बिंदुओं पर मांगा जवाब, उठाए कई सवाल

Mon, 28 Jul 2025 09:35 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

झालावाड़ जिले के एक सरकारी स्कूल में हुए हादसे पर राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने इसे "दिल झकझोर देने वाली घटना" बताते हुए 14 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झालावाड़ जिले के एक सरकारी स्कूल में हुए दर्दनाक हादसे पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति अनूप ढंड की एकल पीठ ने इसे "दिल झकझोर देने वाली घटना" बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार, दोनों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले में सरकारों को 14 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


शिक्षा बजट पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी
हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार अपने कुल बजट का लगभग 6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करती है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के स्कूलों की बुनियादी संरचना की स्थिति दयनीय बनी हुई है। कोर्ट ने एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि राजस्थान समेत 12 राज्यों में करीब 22% स्कूलों की इमारतें जर्जर अवस्था में हैं, जबकि 31% स्कूल भवनों में गंभीर दरारें हैं।

राजस्थान में स्कूलों की बदहाल स्थिति
  • राज्य के 32% स्कूलों में बिजली की सुविधा नहीं है।
  • 9% स्कूलों में पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है।
  • 9% स्कूलों में लड़कों के लिए शौचालय तक नहीं हैं।
ये भी पढ़ें: बाबा रामदेव मेले के श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत, जोधपुर-रामदेवरा स्पेशल ट्रेन 1 अगस्त से होगी शुरू 
विज्ञापन


कोर्ट ने इन आंकड़ों को चिंताजनक बताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है कि इतनी वित्तीय उपलब्धता के बावजूद क्यों बुनियादी सुविधाएं अब तक सुनिश्चित नहीं हो सकीं।

जिलों में ऑनलाइन पोर्टल बनाने के निर्देश
हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि प्रत्येक जिले में एक ऑनलाइन पोर्टल या वेबसाइट विकसित की जाए, जहां छात्र, शिक्षक या अभिभावक सरकारी व निजी स्कूल भवनों की खराब स्थिति की फोटो और वीडियो अपलोड कर सकें। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस पोर्टल से शिकायतों का स्थायी निवारण तंत्र जोड़ा जाए ताकि समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान हो सके।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
यदि किसी स्कूल भवन के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री या लापरवाही पाई जाती है, तो कोर्ट ने आदेश दिया है कि ठेकेदारों व जिम्मेदार अधिकारियों से निर्माण लागत वसूली जाए और उनके खिलाफ विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की जाए।

अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट अनिवार्य
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई से पहले केंद्र और राज्य सरकारों को सभी 14 बिंदुओं पर जवाब पेश करना अनिवार्य होगा। अदालत के इस कड़े रुख को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें