विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार लगभग 500 भारतीयों को विभिन्न तरीकों से खार्तूम से सूडान पोर्ट ले जाया गया, जहां से उन्हें सऊदी अरब के जेद्दा तक समुद्री मार्ग से ले जाया गया और वहां से उन्हें हवाई मार्ग से दिल्ली लाया जाएगा।
सूडान से लौटने वाले सभी राजस्थानियों को दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद राज्य सरकार द्वारा उन्हें अपने घरों तक छोड़ा जाएगा। राजस्थान सरकार सभी लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था करेगी।
प्रमाणिक जानकारी देने वाले सर्वप्रथम राज्य बना राजस्थान
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राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त और रेजिडेंट कमिश्नर धीरज श्रीवास्तव ने बताया की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हिंसा प्रभावित सूडान में राजस्थानियों की सुरक्षा और निकासी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उनके प्रयासों के कारण ही हम विदेश मंत्रालय को प्रवासी राजस्थानियों के बारे में प्रमाणिक जानकारी देने वाले सर्वप्रथम राज्य बने। सूडान से लौटे सभी राजस्थानियों को राजस्थान सरकार बस, ट्रेन या हवाई जहाज के माध्यम से उनके घर पर निशुल्क पहुंचाएगी।
प्रवासी भारतीय काफी सहायक रहे हैं
मुख्य आवासीय आयुक्त, बीकानेर हाउस शुभ्रा सिंह और सीआरएफ ने सभी राजस्थानियों से आग्रह किया कि वे सूडान में संघर्ष से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी देने के लिए संपर्क करें और अधिकारियों को विवरण प्रदान करें। सीआरएफ ने कहा कि अप्रवासी राजस्थानी विशेष रूप से संकट के समय में बहुत सहायक रहे हैं, जैसा कि यूक्रेन संघर्ष के दौरान भी देखा गया था।
सऊदी अरब पहुंचे नागरिक
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विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार लगभग 500 भारतीयों को विभिन्न तरीकों से खार्तूम से सूडान पोर्ट ले जाया गया। सभी लोग 60 राजस्थानियों सहित सूडान पोर्ट तक सुरक्षित पहुंचाए गए हैं। सभी लोगों को सूडान पोर्ट से सऊदी अरब के जेद्दा तक समुद्री मार्ग से ले जाया गया और वहां से उन्हें हवाई मार्ग से दिल्ली लाया जाएगा। दिल्ली से उन्हें उनके घर तक पहुंचा दिया जाएगा। प्रक्रिया के दौरान राजस्थान फाउंडेशन विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में रहा और सूडान में फंसे राजस्थानियों के परिजनों को नियमित अपडेट देता रहा।