टैक्स कलेक्शन में कमी पर सरकार एक्शन मोड में
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राजस्थान में राजस्व घाटे को लेकर सरकार जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई करने के मूड में है। जो महकमें टैक्स कलेक्शन के टारगेट में फिसड्डी रहे हैं। अब उन्हें इसका कारण सरकार को बताना होगा। मामले में मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कार्मिक विभाग को निर्देश दिए हैं कि सेल्स टैक्स में टारगेट पूरे नहीं होने को लेकर कमर्शियल टैक्स कमीश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। जानकारी के मुतबाबिक सेल्स टैक्स महकमा सिर्फ टारगेट में ही नहीं पिछड़ा, बल्कि टैक्स कलेक्शन के जो आंकड़े सरकार को दिए वह भी मैच नहीं कर रहे। अमर उजाला ने राजस्थान में टैक्स कलेक्शन में आई कमी का मुद्दा सबसे पहले उठाया था। यह भी बताया था कि रिव्यू मीटिंग में इसे लेकर सीएस ने अफसरों को जमकर फटकार भी लगाई।
टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों को देखें तो वित्त वर्ष 2023-24 में बजट अनुमानों में 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन अनुमानित रखा गया। जबकि 31 मार्च को सिर्फ 1 लाख 4 हजार करोड़ रुपए का टैक्स मिलना बताया गया है। इनमें भी राशि का बड़ा हिस्सा अभी सिर्फ कागजों में ही मिला है। यानी 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान तो सीधा-सीधा है। हालांकि मुख्य सचिव के समक्ष जो टैक्स कलेक्शन की रिपोर्ट थी, उसमें तो संशोधित अनुमान में टेक्स कलेक्शन के अनुमान 1 लाख 22 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके हिसाब से तो टैक्स कलेक्शन करीब 18 हजार करोड़ रुपए कम रहा है।
13219 करोड़ रुपए सरकार को मिले
इसमें सबसे बड़ा नुकसान सेल्स टैक्स और एक्साइज टैक्स में हुआ है। शराब से सरकार ने 17 हजार करोड़ रुपए के टैक्स कलेक्शन का अनुमान बजट में रखा था, लेकिन 31 मार्च तक सिर्फ 13219 करोड़ रुपए ही सरकार को मिल सके।