राहुल गांधी के पक्ष में बोले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए सीबीआई जांच के आदेश पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस निर्णय को आश्चर्यजनक बताते हुए कहा कि यह न्यायपालिका द्वारा कार्यपालिका पर अनावश्यक दबाव डालने जैसा प्रतीत होता है।
पहले भी खारिज हो चुकी है याचिका- अशोक गहलोत
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि गहलोत ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े आरोप पहले भी अदालतों में खारिज किए जा चुके हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि जुलाई 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट और वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश द्वारा इस प्रकार की याचिकाओं को निराधार मानते हुए खारिज किया जा चुका है। इसके बावजूद अब सीबीआई जांच का आदेश दिया जाना समझ से परे है।
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न्यायिक समय की बर्बादी
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों को बार-बार उठाना न केवल न्यायिक समय की बर्बादी है, बल्कि इससे प्रशासनिक एजेंसियों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उनके अनुसार, इस तरह के आदेशों से देश की संस्थाओं की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े होते हैं और महत्वपूर्ण मामलों से ध्यान भटकता है। अपने बयान में गहलोत ने राहुल गांधी के परिवार के योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पिता और दादी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जबकि उनके परनाना ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वर्षों जेल में रहकर देशहित में अपनी संपत्ति तक समर्पित की थी।
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भारत जोड़ो यात्रा के जरिए भाईचारे को बढ़ावा मिला
अशोक गहलोत ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश में बढ़ते सामाजिक तनाव को कम करने और भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक पदयात्रा की। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई को उन्होंने 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया।