सबसे पहले बात मोस्ट वांटेड बदमाश की गिरफ्तारी की करते हैं। यहां जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस ने ऑपरेशन हाईड आउट सर्च के तहत बुधवार को चौबीस मोस्ट वांटेड आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों पर डकैती, लूट और हत्या समेत कई मामले दर्ज थे और लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस इन आरोपियों को पकड़ पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम अमित कुमार ने बताया कि एक अक्तूबर से ऑपरेशन हाईड आउट सर्च चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन के तहत जिला और थाना स्तर पर अलग-अलग टीम बनाकर छापेमारी की गई थी। इस दौरान ऐसे आरोपियों का डाटा तैयार किया और जिनके खिलाफ से ज्यादा बार चालान पेश हो रखे थे। इसके साथ ही जो बार-बार अपराध कर रहे थे। टीम की ओर से अलग-अलग जगह पर छापेमारी कर इन चौबीस मोस्ट बदमाशों की गिरफ्तारी की है।
मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी
दूसरी ओर मुहाना थाना इलाके में इन्वेस्ट करने पर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर एक युवक से 2.30 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार कृष्णा सरोवर कॉलोनी निवासी अरुण शर्मा ने मामला दर्ज करवाया कि उसके पास इंस्टाग्राम पर एक मैसेज आया। इसमें एक कंपनी में निवेश करने पर मोटा मुनाफे का झांसा दिया गया। इसके बाद उसके पास एक लिंक भेजा गया है। लिंक भेजने वाले ने उसके पास अपना मोबाइल नंबर भी भेजा था। इसके बाद पीड़ित ने निवेश करना चालू कर दिया। निवेश करने के बाद उसे शुरुआत में कुछ रुपए लाभांश के रूप में दिया गया। इस प्रकार उसने कई बार में 2.30 लाख रुपए का निवेश कर दिया। आरोपी ने उसे बाद में लाभांश देना बंद कर दिया। पीड़िता ने आरोपी से सम्पर्क किया तो टारगेट पूरा करने के लिए उसे और निवेश करने की बात कहीं। इस पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इस पर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नाबालिग बच्चों ने दौड़ा दी एसयूवी कार
इधर, करणी विहार थाना इलाके में बुधवार सुबह दो नाबालिग बच्चों ने सड़क पर तेज रफ्तार में एसयूवी कार दौड़ाई। कार ने पहले ट्रैक्टर को टक्कर मारी और फिर अनियत्रिंत होकर डिवाडर से टकरा कर रुक गई। सूचना पर जब तक दुर्घटना थाना पश्चिम पुलिस मौके पर पहुंचती उससे पहले ही क्षतिग्रस्त कार गायब हो गई। घटना थाना इलाके के अलंकर कॉलेज के सामने की है।
पुलिस कांस्टेबल रमेश ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को बुधवार सुबह हादसे की सूचना मिली थी। इस पर पीसीआर की टीम मौके पर पहुंची तो वहां एक एसयूवी कार क्षतिग्रस्त पड़ी मिली थी। कार ओवर स्पीड में थी। इसी दौरान कॉलेज के सामने खड़े एक ट्रैक्टर को पहले टक्कर मारी। इससे कार अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर पर चढ़ गई। हादसे में कार के एयरबैग खुल गए थे। कुछ देर में दो बच्चे कार में से उतरे और भाग गए। उन्हें भी हल्की चोट लगी है। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना दुर्घटना पश्चिम थाने को दी गई थी।
एकल पट्टा मामला
राजस्थान के चर्चित एकल पट्टा मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले से जुड़ी पत्रावली (फाइल) गुम होने के मामले में 9 साल पहले दर्ज हुई एफआईआर पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। अब उस पुरानी एफआईआर को लेकर अशोक नगर थाने में एक नई प्राथमिकी दर्ज हुई है, जिसमें कूटरचित (जाली) दस्तावेजों के आधार पर फाइल की गुमशुदगी थाने में दर्ज करवाने का आरोप सचिवालय के कर्मचारियों पर लगा है। फिलहाल अशोक नगर थाना पुलिस इस पूरे मामले को लेकर पड़ताल में जुटी है।
थानाधिकारी उमेश बेनीवाल ने बताया कि एकल पट्टा मामले की जांच कर रही समिति के सचिव रवि शर्मा ने मुकदमा दर्ज करवाया है कि शासन सचिवालय के कर्मचारियों ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एकल पट्टा प्रकरण की पत्रावली की गुमशुदगी 29 अगस्त 2013 को अशोक नगर थाने में दर्ज करवाई थी। ऐसे में सचिवालय के कर्मचारियों के खिलाफ यह नया मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसकी जांच थानाधिकारी उमेश बेनीवाल कर रहे हैं।