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Rajasthan Crime News: राजस्थान में झूठी FIR कराने वालों को जेल की सजा; 1870 मामलों में कोर्ट ने लिया संज्ञान

Fri, 03 Jul 2026 07:07 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में आपसी रंजिश में झूठे मुकदमें दर्ज करवाने का चलन बढ़ता जा रहा है। अब न्यायालय ऐसे मामलों में संज्ञान लेकर झूठे मुकदमें दर्ज करवाने वालों को भेज रहा है जेल-
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सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आपसी रंजिश निकालने, किसी को फंसाने या पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी एफआईआर दर्ज कराने वालों के खिलाफ राजस्थान पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पिछले एक महीने में ऐसे 75 मामलों में अदालतों ने दोषियों को सजा और जुर्माना सुनाया है, जबकि 1,870 मामलों में अदालतों ने संज्ञान लेकर झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) बिपिन कुमार पांडे ने बताया कि झूठे मुकदमों के खिलाफ प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसका असर यह रहा कि 1 जून से 28 जून 2026 के बीच प्रदेशभर में 75 मामलों में अदालतों ने दोषियों को दंडित किया।

उन्होंने कहा कि जब पुलिस जांच में किसी मामले को झूठा पाती है तो संबंधित न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करती है। इसके बाद अदालत शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करती है। जून माह में ऐसे 1,870 मामलों में अदालतों ने संज्ञान लिया, जिनमें अब बाकायदा मुकदमा चलाया जाएगा।
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नागौर सबसे आगे, जयपुर ग्रामीण दूसरे स्थान पर

झूठे मुकदमों में कार्रवाई के लिए न्यायालय से सबसे ज्यादा संज्ञान नागौर में लिया गया, जहां 292 मामलों में कोर्ट ने कार्रवाई शुरू की। इसके बाद जयपुर ग्रामीण (247) और अलवर (212) का स्थान रहा। वहीं अन्य जिलों में जयपुर दक्षिण 139 मामले, कोटपूतली-बहरोड़ -120,  हनुमानगढ़ -110, जयपुर पश्चिम - 71 तथा जयपुर उत्तर में  59 मामलों में न्यायालय ने संज्ञान लिया।

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सजा दिलाने में हनुमानगढ़ अव्वल

जून महीने में अदालतों से सबसे ज्यादा सजा दिलाने में हनुमानगढ़ पुलिस पहले स्थान पर रही, जहां 18 मामलों में दोषियों को सजा और जुर्माना हुआ। इसके अलावा प्रतापगढ़ में 9 मामलो में, जयपुर ग्रामीण में 6 मामलों में  कोटा शहर में  5, अलवर, बांसवाड़ा और ब्यावर में 4-4 ,सवाई माधोपुर में 3 प्रकरणों में, जयपुर दक्षिण, धौलपुर, झुंझुनूं, डूंगरपुर, सिरोही, झालावाड़ और भीलवाड़ा में 2-2 तथा बीकानेर, चूरू और जीआरपी अजमेर में 1-1 प्रकरण में सजा या जुर्माना हुआ।

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