फर्जी विधायक नेमप्लेट और ब्लैक फिल्म लगी कार
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में वीआईपी कल्चर का दुरुपयोग करने की कोशिश एक व्यक्ति को भारी पड़ गई। हाथोज इलाके में मंगलवार शाम ट्रैफिक पुलिस की नियमित चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार को रोका गया, जिस पर अवैध रूप से ‘विधायक’ लिखी नेमप्लेट लगी हुई थी और शीशों पर प्रतिबंधित ब्लैक फिल्म चढ़ाई गई थी।
चेकिंग के दौरान हेड कॉन्स्टेबल धारासिंह ने जैसे ही कार को रुकवाया, ड्राइवर श्याम (निवासी झोटवाड़ा) ने खुद को विधायक का वाहन बताकर तुरंत जाने देने का दबाव बनाया। उसने दावा किया कि गाड़ी एक विधायक की है और उसे रोका नहीं जा सकता। हालांकि, हेड कॉन्स्टेबल ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह संबंधित विधायक और उनकी अधिकृत गाड़ी को भली-भांति पहचानते हैं, क्योंकि वह रोजाना उसी मार्ग से गुजरती है।
जब ड्राइवर का रौब काम नहीं आया, तो उसने मामला रफा-दफा करने के लिए पुलिसकर्मी को 20 हजार रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की। पुलिसकर्मी ने यह प्रस्ताव सख्ती से ठुकरा दिया। इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचा और कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दबाव बनाने की कोशिश की। उसने धमकी भरे लहजे में कहा कि “गाड़ी जब्त करके कौन से कलेक्टर बन जाओगे”, लेकिन पुलिस टीम अपने कर्तव्य पर अडिग रही।
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दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि कार का रजिस्ट्रेशन सलूंबर निवासी तुषार के नाम पर है और इसका किसी विधायक या उनके कार्यालय से कोई संबंध नहीं है। स्पष्ट हुआ कि ड्राइवर फर्जी नेमप्लेट लगाकर वीआईपी सुविधा लेने और जांच से बचने की कोशिश कर रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हेड कॉन्स्टेबल ने तत्काल ट्रैफिक सीआई कविता शर्मा को सूचना दी। उनके निर्देश पर कार को जब्त कर कालवाड़ थाने भिजवा दिया गया। कालवाड़ थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वाहन को जब्त कर आगे विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में विधायक बालमुकुंदाचार्य ने भी स्पष्ट किया कि आरोपी से उनका कोई संबंध नहीं है और उन्हें इस संबंध में पुलिस से सूचना मिली थी।