देश की सुरक्षा से जुड़े अति संवेदनशील संस्थान रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के एक गेस्ट हाउस में तैनात मैनेजर महेंद्र प्रसाद को जासूसी के गंभीर शक में हिरासत में लिया गया है। सोमवार (4 अगस्त) रात को सुरक्षा एजेंसियों ने जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज से उसे गिरफ्तार किया। यह वही Jaipur News: जैसलमेर में DRDO गेस्ट हाउस का मैनेजर जासूसी के शक में गिरफ्तार, पाकिस्तान से जुड़े मिले कई सुराग
जगह है जहां से भारत ने ऐतिहासिक परमाणु परीक्षण किए थे और जो आज भी सामरिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है। आरोपी से पाकिस्तान से कथित संपर्कों को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
कई अहम जानकारी लीक करने का शक
महेंद्र प्रसाद वर्ष 2018 से पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज के DRDO गेस्ट हाउस में बतौर मैनेजर तैनात था। यह गेस्ट हाउस रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जहां नियमित रूप से भारतीय सेना, DRDO के वैज्ञानिक और बड़े रक्षा विशेषज्ञ ठहरते हैं। यहां नए हथियारों के परीक्षण, सामरिक अभ्यास और युद्धाभ्यासों से जुड़ी गतिविधियां होती हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि आरोपी इन महत्वपूर्ण गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां पाकिस्तान को मोबाइल फोन के जरिए लीक कर रहा था।
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पाकिस्तान से कॉल आने के मिले सबूत
सूत्रों के अनुसार, महेंद्र प्रसाद के मोबाइल पर पाकिस्तान से बार-बार कॉल आने के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसके चलते वह लंबे समय से एजेंसियों की निगरानी में था। गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल को जब्त कर लिया गया है और डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि मोबाइल से कई अन्य पाकिस्तान से जुड़ी कड़ियां सामने आ सकती हैं, जो पूरे नेटवर्क की परतें खोल सकती हैं।
राजस्थान बना जासूसी गतिविधियों का प्रमुख निशाना
विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान की पाकिस्तान से लगने वाली 1070 किलोमीटर लंबी सीमा राज्य को जासूसी नेटवर्क के लिए अत्यधिक संवेदनशील बना देती है। श्रीगंगानगर से लेकर बाड़मेर तक के इलाकों में कई सैन्य ठिकाने, एयरबेस और सामरिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के लिए उच्च प्राथमिकता पर रहते हैं। यही कारण है कि राजस्थान में आए दिन जासूसी के आरोप में गिरफ्तारियां होती रहती हैं।
भारतीय खुफिया एजेंसियां लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी एजेंटों द्वारा जानकारी जुटाने की कोशिशों पर निगरानी रखे हुए हैं। हाल के वर्षों में कई मामलों में पाक एजेंटों को सेना की गतिविधियों, सिग्नल्स और बंकरों की स्थिति जैसी सूक्ष्म जानकारियां भेजते हुए पकड़ा गया है।
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संयुक्त पूछताछ कमेटी को सौंपा जाएगा आरोपी
जैसलमेर के एसपी अभिषेक शिवहरे ने जानकारी दी कि आरोपी को सोमवार (5 अगस्त) को संयुक्त पूछताछ कमेटी (Joint Interrogation Committee) को सौंपा जाएगा। यह कमेटी सैन्य खुफिया, खुफिया ब्यूरो (IB) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों से बनी होती है, जो सुरक्षा से जुड़े मामलों में गहराई से जांच करती है।