जयपुर की आमेर सागर झील से मानसून के दौरान एक विशाल मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। इसके बाद से लोगों में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम ने पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और अंततः मगरमच्छ को नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सुरक्षित छोड़ा गया।
जयपुर में लगातार बारिश के बीच सोमवार रात एक रोमांचक और खौफनाक घटना घटी। आमेर स्थित ऐतिहासिक सागर झील से एक विशाल मगरमच्छ निकलकर सीधे आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। झील का जलस्तर बढ़ने से यह मगरमच्छ पहले नोल्या कुंड रोड पर आया और फिर मुख्य सड़क पर निकलते ही राहगीरों को दिखाई दिया। अचानक सड़क पर विशालकाय जीव देखकर लोग घबरा गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
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नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में छोड़ा गया
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वे सागर से आमेर की ओर जा रहे थे, तभी अचानक सड़क पर यह मगरमच्छ नजर आया। पहले उन्हें लगा कि आंखों का धोखा है, लेकिन कुछ ही क्षण में यह झाड़ियों की ओर भाग गया। राहगीरों ने तुरंत स्थानीय लोगों को सूचना दी, जिसके बाद पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा। मगरमच्छ की विशालकाय काया और ताकत के कारण उसे पकड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। आखिरकार अलसुबह टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर मगरमच्छ को नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सुरक्षित छोड़ा।
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स्थायी सुरक्षा गार्ड तैनात करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून में अक्सर सागर झील से मगरमच्छ बाहर आ जाते हैं, लेकिन इस बार उसका आबादी क्षेत्र तक पहुंच जाना बेहद खतरनाक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि झील पर स्थायी सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं, ताकि पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
रिहायसी इलाकों में बढ़ी चिंता
वन विभाग ने भी माना कि मानसून के दौरान झील के जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ का मूवमेंट तेज हो जाता है। हालांकि आबादी क्षेत्र में पहुंचना चिंता का विषय है और इसके लिए विशेष निगरानी की जरूरत है। यह घटना न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए भय का कारण बनी, बल्कि राजस्थान भर में चर्चा का विषय भी है।